फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   politics start at revelations of wikileaks on rajiv gandhi

राजीव गांधी पर विकीलीक्स के खुलासे पर सियासत तेज

Tue, 09 Apr 2013 12:47 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Tue, 09 Apr 2013 12:47 AM IST
विज्ञापन
politics start at revelations of wikileaks on rajiv gandhi

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर विकीलीक्स के कथित खुलासे को लेकर देश में सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने इस मसले पर कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा है।

विज्ञापन


वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने आरोपों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। गांधी परिवार पर कीचड़ उछलने से आहत कांग्रेस ने भाजपा पर भी पलटवार किया है।

पार्टी ने इन कथित खुलासों को निराधार बताते हुए कहा है कि जिस अखबार में यह खबर छपी है, उसके नीचे यह भी लिखा है कि इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई नहीं था। पार्टी ने तर्क दिया है कि यह खबर यहीं बेबुनियाद साबित हो जाती है। पार्टी ने मीडिया को भी तात्कालिक प्रलोभ में न आने की नसीहत दी है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि विकीलीक्स ने आरोप लगाया है कि इंडिया एयरलाइंस में काम करते हुए राजीव गांधी ने स्वीडन की कंपनी के लिए एजेंट का काम किया था। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार वे स्वीडन की एक कंपनी के साथ जुड़े थे। कंपनी भारत को लड़ाकू विमान बेचना चाहती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि ये सौदा नहीं हो सका था। उस रेस में ब्रिटिश कंपनी जगुआर ने बाजी मार ली थी। इस खुलासे के बाद भाजपा ने गांधी परिवार से जवाब मांगा है। भाजपा का कहना है कि इस पूरे मामले में सरकार और गांधी परिवार को सफाई देनी चाहिए।

भाजपा के जवाब मांगने के बाद कांग्रेस ने विपक्ष पर जोरदार हमला किया। साथ ही विकीलीक्स के खुलासे पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि विकीलीक्स के आरोपों में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि खबर एक प्रतिष्ठित अखबार ने छापी है, इससे पार्टी काफी आहत है।

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में नीचे की पंक्तियों में लिखा है कि इन दावों की पुष्टि करने वाला कोई नहीं था। इससे कहानी यही खत्म हो जाती है। द्विवेदी ने कहा कि इस रिपोर्ट के साथ एक और खबर छपी है। जिसमें एनडीए के एक वरिष्ठ नेता पर इमरजेंसी के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से आर्थिक मदद मांगने का आरोप है।

उस समय आंदोलन चल रहा था और उसमें भाजपा नेता भी शामिल थे। तो क्या मैं मानूं कि भाजपा के साथ साथ यह सब जयप्रकाश नारायण की जानकारी में हो रहा था। उन्होंने कहा कि देश में अफवाहें फैलाई जा रही हैं। भाजपा नेताओं को सोच समझकर बयान देना चाहिए। वहीं मीडिया को भी संयम बरतने की नसीहत दी।

क्या है मामला
एक अंग्रेजी अखबार ने विकीलीक्स के हवाले से दावा किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1970 के दशक में स्वीडन की कंपनी साबस्तानिया के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाई थी। यह कंपनी भारत को लड़ाकू विमान बेचना चाहती थी। हालांकि कंपनी के साथ यह सौदा नहीं हो सका था। इस दौड़ में ब्रिटिश कंपनी जगुआर ने बाजी मार ली थी। राजीव गांधी तब राजनीति में नहीं थे। वह इंडियन एयरलाइंस में पायलट थे।

जार्ज ने मांगी थी सीआईए से मदद
विकीलीक्स ने पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस के बारे में भी खुलासा किया है। इसके मुताबिक खुद को अमेरिका विरोधी बताने वाले फर्नांडिस ने आपातकाल के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए से मदद मांगी थी। फर्नांडिस को सीआईए से पैसे लेने पर भी ऐतराज नहीं था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल से लड़ने के लिए फर्नांडिस ने फ्रांसीसी सरकार से भी मदद मांगी थी।


'विकीलीक्स की कोई विश्वसनीयता नहीं है। उसके दावे निराधार हैं। खुद उसकी रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दावों की पुष्टि नहीं की जा सकी। इसी से सारी कहानी बेबुनियाद साबित हो जाती है।'
- जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस महासचिव

'भाजपा कांग्रेस के प्रथम परिवार से स्पष्टीकरण की मांग करती है। इस मामले से जुडे़ सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए। सरकार, कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार को सभी बातें साफ करनी चाहिए।'
- प्रकाश जावडेकर, भाजपा प्रवक्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed