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ओपिनियन पोल पर हायतौबा, गरमाई सियासत
अमर उजाला/नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Nov 2013 08:34 AM IST
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चुनाव सर्वेक्षण (ओपिनियन पोल) पर प्रतिबंध लगाने को लेकर राजनीति गरमा गई है। सर्वेक्षणों पर रोक लगाने की कांग्रेस की मांग को लेकर हायतौबा मच गई है।
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भाजपा ने आरोप लगाया है कि ज्यादातर सर्वेक्षणों के नतीजों में कांग्रेस की हार के सामने आने से वह डर गई है। इसलिए रोक की मांग की जा रही है।
वहीं, कांग्रेस की इस मांग को अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती की सहमति भी मिल गई है। अटॉर्नी जनरल ने चुनाव सर्वेक्षण पर रोक लगाने की राय सरकार को दी है।
सपा और बसपा दोनों दल भी बैन के समर्थन में है तो वामपंथी दल प्रतिबंध के हक में नहीं हैं, लेकिन चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसके प्रकाशन पर रोक के पक्ष में हैं।
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चुनाव सर्वेक्षणों के नतीजों को गलत ठहराने के बाद कांग्रेस ने अब इस पर रोक लगाने को लेकर दो टूक राय देना शुरू कर दिया है। चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों से इस संबंध में राय मांगी थी। पार्टी ने यह राय आयोग को दी है।
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पार्टी का तर्क है कि चुनाव आयोग ही सर्वेक्षणों पर शक कर रहा है तो कांग्रेस पर आरोप क्यों लग रहे हैं। दरअसल, विवाद की जड़ यह है कि अभी जितने भी सर्वेक्षण के नतीजे मीडिया में आए हैं, उनमें ज्यादातर में कांग्रेस को नुकसान में दिखाया गया है।
पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल मानते हैं कि अचानक से जो सर्वेक्षणों का रेला आया है। इससे पार्टी को ऐतराज है। पार्टी का तर्क है कि कुछ एक हजार लोगों की राय को बताकर करोड़ों लोगों की राय के तौर पर दिखाना गलत है। यह तरीका न तो वैज्ञानिक है और न ही ऐसे सर्वेक्षण की पारदर्शी प्रक्रिया होती है।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने तो इसे फर्जी और धोखाधड़ी तक कह दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सर्वेक्षणों को तो रद्दी की टोकरी में फेंक देना चाहिए।
दूसरी तरफ भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव के समय बहस और सर्वेक्षण होने चाहिए। इससे जनता को अपना मत बनाने में मदद मिलती है। इस पर रोक लगाना तानाशाही जैसा लगता है।
दूसरी तरफ सपा नेता आजम खां ने कहा कि वह मीडिया के खिलाफ नहीं है। मगर चुनावी सर्वेक्षण में सच छिपाया जाता है। उधर माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया के समय सर्वेक्षण के नतीजों का प्रकाशन ठीक नहीं है। वहीं, बसपा ने भी चुनाव आयोग को भेजे अपने जवाब में इन सर्वेक्षणों पर प्रतिबंध का समर्थन किया है।