फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   politics of leaders at facebook

फेसबुक के मैदान पर उतरे राजनीति के योद्धा

Tue, 09 Apr 2013 12:42 AM IST
राकेश भट्ट/नोएडा
राकेश भट्ट/नोएडा Updated Tue, 09 Apr 2013 12:42 AM IST
विज्ञापन
politics of leaders at facebook

भले ही नेताओं को अपनी पार्टी के कार्यक्रम में मंच पर स्थान न मिलता हो, भले ही वे राजनीति का ककहरा सीख रहे हों या भले ही उनका प्रयास जिला स्तर के बड़े नेताओं का ‘राइट हैंड’ कहलवाने का हो। लेकिन अपने फेसबुक अकाउंट पर यह स्वयं आलाकमान दिखते हैं। आखिर उनके पास यह एक ऐसा मंच है, जिसमें उनकी ही चलती है।

विज्ञापन


बड़े नेताओं से लेकर छोटे कार्यकर्ता तक फेसबुक अकाउंट पर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं। लेकिन दोनों अपने-अपने तरीके से एफबी को इस्तेमाल कर रहे हैं।
विज्ञापन


बड़े नेता जहां मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति के कार्यक्रम, केंद्रीय मंत्रियों व नेताओं के साथ, जनाधार व आलाकमान में उनकी पैठ की पिक्चर पोस्ट कर रहे हैं, वहीं छुटभैये भी बड़े नेताओं के साथ खिंचे फोटो को पोस्ट कर अपनी राजनीतिक पहुंच दिखाने में पीछे नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


2014 के लोकसभा चुनाव के पहले फेसबुक पर फ्रेंड लिस्ट का आकार बढ़ाने के लिए इनका प्रचार जोरों पर है। दूसरी ओर गुटबाजी के लिए प्रसिद्ध जिला कांग्रेस में कुछ ने अपनी फ्रेंड लिस्ट चोरी होने के डर से उसे हिडन कर रखा है।

गत दिनों जिले में आए केंद्रीय कॉरपोरेट मंत्री सचिन पायलट के साथ भी कई कांग्रेसी गुर्जर नेताओं ने अपने-अपने ढंग से उनके करीबी होने की होड़ वाली फोटो अपने अकाउंट पर पोस्ट कर रखी है, तो विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी के साथ मंच पर बड़े नेताओं ने अपने को फोकस करती फोटो वॉल पर सजा रखी है।

भाजपा नेताओं में नोएडा के विधायक डॉ. महेश शर्मा अपने पेज पर फॉलोवर बढ़ाने की कोशिश में हैं। बसपा सांसद सुरेंद्र नागर भी हजारों फ्रेंड्स की लिस्ट के साथ फेसबुक पर हैं।

मजे की बात यह है कि दूसरे दलों के कई नेता भी इनकी लिस्ट में हैं। यह भी गौरतलब है कि महत्वपूर्ण पद मिलने के बाद जो नेता अब खाली हैं या छोटे पद पर हैं, उन्होंने अपने प्रोफाइल से पुराना पद नहीं हटाया है।

नेताओं के फेसबुक अकाउंट की जांच करने पर पता चला कि कई नेता टेक्नोलॉजी फ्रेंडली हैं तो कुछ इससे अनजान। कम ही नेताओं को पता है कि पांच हजार के बाद पेज तैयार कर उससे अनिश्चित फॉलोवर को जोड़ा जा सकता है।


ऐसे में वे पांच हजार लोगों में से ही कुछ को डिलीट कर नए को स्थान देते आ रहे हैं। जबकि कई नेताओं ने अपने पुत्र या बाहर के लोगों को अकाउंट हैंडिल करने का काम दिया हुआ है।

नेताओं के फेसबुक पर कितने फ्रेंड
नाम -------------------- पद -------------------- फ्रेंड
सुरेंद्र नागर ---------- बसपा सांसद, गौतमबुद्धनगर ---------- 4975
डॉ. महेश शर्मा ---------- भाजपा विधायक, नोएडा ---------- 1013 (पेज पर फॉलोवर)
सुनील चौधरी ---------- सपा नेता ---------- 2251
जोगिंद्र अवाना ---------- जरनल सेक्रेटरी, कांग्रेस, यूपी ---------- 373 (फॉलोवर, फ्रेंड हिडन)
दिनेश अवाना ---------- किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष ---------- 4350
रामकुमार चौधरी ---------- कांग्रेसी नेता ---------- 1450
राघवेंद्र दुबे ---------- मीडिया प्रभारी, समाजवादी पार्टी ---------- 259
समीर भाटी ---------- कांग्रेसी नेता ---------- 664
अनूप खन्ना ---------- आम आदमी पार्टी ---------- 501
ओमवीर यादव ---------- कांग्रेसी नेता ---------- 518
गणेश जाटव ---------- युवा कांग्रेसी नेता ---------- 585

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed