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मोदी के 'एक्शन पैक ड्रामे' के बाद काशी की स्क्रिप्ट चेंज

Sat, 26 Apr 2014 09:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 26 Apr 2014 09:22 AM IST
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politics in varanasi after modi nomination procession

संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी के रूप में नरेंद्र मोदी ने जिस जोरदार तरीके से एंट्री की है, उसने पूरी राजनीतिक पटकथा को ही बदलने पर मजबूर कर दिया है। नामांकन जुलूस में उमड़ी भीड़ से समर्थक उत्साहित हैं। विरोधी भीड़ उमड़ने की घटना की चीरफाड़ करने में लगे हैं। वहीं, मतदाता अब भी खामोशी से तमाशा देख रहे हैं।

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भाजपा ने बनारस में अपने उम्मीदवार को परिचित कराने का ‘एक्शन पैक ड्रामा’ तैयार किया था। हेलीकाप्टर से आना, प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और रोड शो के जरिए उनकी जोरदार एंट्री कराई गई।
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नामांकन के अवसर को भव्यता देने के लिए पार्टी एक पखवाड़े से तैयारी कर रही थी। इसकी तस्दीक करते हुए भाजपा के चुनाव संचालन समिति के प्रभारी अशोक धवन ने कहा कि तैयारी तो पूरी थी लेकिन हमारी अपेक्षा से अधिक भीड़ उमड़ पड़ी थी।
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दो करोड़ खर्च कर निकला नमो जुलूस

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नामांकन के एक दिन पहले विद्यार्थी परिषद, युवा मोर्चा सहित सभी अनुसांगिक संगठनों के अलावा गुजराती आदि समाजों की बैठकें होती रहीं और जुलूस में आने वालों को टोपियां, टीशर्ट, नमो साड़ियां, झंडों, मुखौटे आदि मुहैया कराए गए।

मुखौटा अहमदाबाद के किसी प्रेस का छपा था जबकि टीशर्ट, कैप, बैज आदि दिल्ली से मंगवाए गए थे। बनारसी बुनकरों की बनाई नमो साड़ियों को भी इसमें शामिल किया गया। नामांकन के दिन गुरुवार को सुबह कार्यकर्ताओं ने रिक्शा व आटो पर झंडे, स्टीकर आदि लगाए। भाजपा का दावा है कि रोड शो में बनारस के मतदाता ही शामिल हुए थे जबकि सपा के लोकसभा प्रवक्ता शतरुद्र प्रकाश का कहना है कि पूरे पूर्वांचल और बिहार तक से लोगों को लाया गया था।

उनकी वापसी के चलते ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ रही। मानवाधिकार एवं जननिगरानी समिति के समन्वयक डा. लेनिन रघुवंशी के मुताबिक प्रचार सामग्री, समर्थकों के ट्रांसपोर्ट और हेलिकाप्टर आदि पर दो करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है।

भाजपा समर्थकों को उत्साह से विरोधी चकित

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भाजपा समर्थकों के उत्साह से विरोधी हतप्रभ हैं। सपा और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा धोकर अपनी भावना व्यक्त कर दी लेकिन खामोश मतदाता तो इस पर अपनी राय ईवीएम की बटन दबाकर ही व्यक्त करेगा।

कूरियर बांटने वाले वली मुहम्मद ने बताया कि मोदी के रोडशो का मुस्लिम इलाकों में काफी असर पड़ा है। लोग भीड़ उमड़ने की वजहों की चीरफाड़ करने में लगे हैं। विधि के छात्र कमलेश राय का कहना है कि मोदी ने अपनी जोरदार इंट्री से विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव तो डाल ही दिया है।

बीएचयू के समाजशास्त्र विभाग के प्रो. पीएन पांडेय का कहना है कि भारतीय लोकतंत्र उधेड़बुन के दौर से गुजर रहा है। जनता व्यवस्था से क्षुब्ध है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आक्षेप करके, जुलूस, रैलियों में भीड़ जुटाकर, मीडिया के जरिए कीचड़ उछाल कर माहौल बना रही हैं। यह सब स्वच्छ जनतांत्रिक माहौल के अभाव का नतीजा है और ऐसे में जनता ही सही रास्ता खोजेगी।

कांग्रेस: भीड़ का जवाब भीड़ से

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मोदी के नामांकन में उमड़ी भीड़ का जवाब कांग्रेस भीड़ से ही देने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने प्रचार का तरीका बदलते हुए हर बूथ पर रोज दस-दस कार्यकर्ताओं को हर परिवार से मिलने की जिम्मेदारी है। साथ ही पार्टी प्रत्याशी अजय राय और वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी जनसंपर्क और तेज करने के लिए कहा है।

पार्टी विरोधी दलों के क्रियाकलापों पर हर रोज निशाना साधेगी और इसकी जिम्मेदारी महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह को वाराणसी संसदीय सीट का प्रभारी बनाकर सौंपी गई है। रविवार को वह वाराणसी में एक बड़ी रैली का एलान भी करेंगे जिसमें लोग जुलूस की शक्ल में भाग लेंगे।

महानगर अध्यक्ष सीताराम केशरी और जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा को अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ कमेटी को सक्रिय करने की जिम्मेदारी दी गई है।

आप: भीड़ बाहरी थी

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आम आदमी पार्टी ने चौपाल व डोर टू डोर जनसंपर्क तो तेज कर ही दिया है साथ ही मोदी को निशाने पर रखते हुए एक पोस्टर भी जारी किया है जिसमें पूछा गया है कि वह उत्तर भारतीय को महाराष्ट्र से बाहर भगाने वाले राज और उद्धव ठाकरे के साथ हैं या फिर उत्तर भारतीयों के साथ।

वहीं अरविंद केजरीवाल बड़ी सभा के बजाय छोटी-छोटी सभाओं और रोजमर्रा की घटनाओं से प्रभावित इलाकों में संपर्क कर रहे हैं। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता छोटे-छोटे दस्तों में घर-घर जा रहे हैं। बता रहे हैं कि मोदी के नामांकन में बाहरी लोगों की भीड़ थी।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मनीष सिसौदिया का कहना है रैली में आम मतदाता नहीं बाहर से बुलाए गए लोग शामिल थे। उन्हें टीशर्ट बांटी गई थी।

बसपा: माया की रैली पर जोर

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बसपा ने भीड़ से प्रभाव के दावे को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी दिखावे में नहीं, हकीकत पर भरोसा करती है। बसपा के जिला प्रभारी मेराज फारूकी उर्फ जुग्गन का कहना है कि पार्टी जिस रणनीति के तहत चुनाव मैदान में है उसी हिसाब से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि जिन्हें भीड़ देखनी हो तो वह नौ मई को जाल्हूपुर गौरा कलां में बसपा प्रमुख मायावती की रैली में आएं।

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