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राजनीति का रास्ता कीचड़ भरा: अन्ना हजारे
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Mon, 01 Oct 2012 12:45 AM IST
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समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपने आंदोलन से अलग हुए अरविंद केजरीवाल गुट पर चोट करने का सिलसिला रविवार को भी बरकरार रखा। अन्ना ने कहा कि राजनीति का रास्ता कीचड़ भरा है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल गुट ने राजनीतिक विकल्प को लेकर उनकी ओर से उठाए गए बुनियादी सवालों के जवाब नहीं दिए थे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने के लिए दिल्ली पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि मुझसे जब कहा गया था कि अब राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है तो मैंने कहा था कि विचार तो अच्छा है लेकिन मैंने पांच-छह सवाल पूछे जिनका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अन्ना उन सवालों का जिक्र कर रहे थे, जिनमें उन्होंने राजनीतिक पार्टी बनाने के पक्षधर अपने समर्थकों से पूछा था कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे और नई पार्टी के पदाधिकारी कौन होंगे।
अन्ना ने कहा कि राजनीति का रास्ता पवित्र नहीं है। यह कीचड़ भरा है। लेकिन आंदोलन का रास्ता पवित्र है। उन्होंने कहा कि राजनीति की ओर जाना सही दिशा में उठाया गया कदम नहीं है। अगर राजनीति ने भला किया होता तो सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश कैसे गिरवी रखा जाता।
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उन्होंने कहा कि अगर मुझे राजनीति में आना होता तो कब का आ गया होता। मैंने तो कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा। मालूम हो कि अन्ना ने दो दिन पहले ही केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अपने ब्लॉग में लिखा था कि अंदरूनी राजनीति की वजह से ही टीम में फूट पड़ी, न कि सरकार की वजह से।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने के लिए दिल्ली पहुंचे अन्ना हजारे ने कहा कि मुझसे जब कहा गया था कि अब राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है तो मैंने कहा था कि विचार तो अच्छा है लेकिन मैंने पांच-छह सवाल पूछे जिनका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अन्ना उन सवालों का जिक्र कर रहे थे, जिनमें उन्होंने राजनीतिक पार्टी बनाने के पक्षधर अपने समर्थकों से पूछा था कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा, उम्मीदवार कैसे चुने जाएंगे और नई पार्टी के पदाधिकारी कौन होंगे।
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अन्ना ने कहा कि राजनीति का रास्ता पवित्र नहीं है। यह कीचड़ भरा है। लेकिन आंदोलन का रास्ता पवित्र है। उन्होंने कहा कि राजनीति की ओर जाना सही दिशा में उठाया गया कदम नहीं है। अगर राजनीति ने भला किया होता तो सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश कैसे गिरवी रखा जाता।
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उन्होंने कहा कि अगर मुझे राजनीति में आना होता तो कब का आ गया होता। मैंने तो कभी पंचायत का भी चुनाव नहीं लड़ा। मालूम हो कि अन्ना ने दो दिन पहले ही केजरीवाल पर निशाना साधते हुए अपने ब्लॉग में लिखा था कि अंदरूनी राजनीति की वजह से ही टीम में फूट पड़ी, न कि सरकार की वजह से।