14 संदिग्ध्ा आतंकियों के निशाने पर थे देश के राजनेता
अभी हाल ही में देश के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किए गए आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े 14 संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) को इन संदिग्ध आतंकियों से कई अहम जानकारियां भी मिली है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक गिरफ्तार किए गए इन संदिग्ध आतंकियों ने बताया कि उनको किसी भीड़ वाले इलाके नहीं बल्कि देश के कई बड़े राजनेताओं को निशाना बनाने के लिए कहा गया था।
संदिग्धों ने बताया कि राजनेताओं के अलावा बड़े सरकारी संस्थान और भारत में मौजूद विदेशी प्रतिष्ठान उनके निशाने पर थे। संदिग्ध आतंकियो ने खुलासा किया कि सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमला करने के पीछे खास वजह थी।
पूछताछ में बताया कि राजनेताओं और सरकारी संस्थानों पर हमला करने के बाद उन्हें बड़ी सुर्खियां मिलती जबकि भीड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने से उतनी ज्यादा सुर्खियां नहीं मिल पाती।
आतंकी साजिश का नया तरीका
सुरक्षा जानकारों का मानना है कि आतंकियो की साजिश का यह एक नया तरीका है। आतंकी संगठनों से जुड़े ऐसे लोग देश के भीतर ही हैं और इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं।
एनआईए के मुताबिक गिरफ्तार किए गए इन 14 संदिग्ध आतंकियों को रविवार को नई दिल्ली की स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद इन संदिग्ध आतंकियों को 13 दिन के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए इन 14 संदिग्ध आतंकियों में से दो की पहचान नफीस खान और अबू अंसा (24) के तौर पर हुई है। यह दोनों संदिग्ध आतंकी हैदराबाद के रहने वाले हैं। अन्य 12 लोगों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया।
गौरतलब है कि एनआई और सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर आईएसआईएस भारत के कुछ लोगों को अपने साथ जोड़कर देश में जनवरी में ही सात स्थानों पर धमाका करना चाहता था। इस ऑपरेशन का नाम ‘सात कलश’ रखा गया था।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने इसे डिकोड कर भारत को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद देश भर से इन 14 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।