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‘जेड-प्लस’ सुरक्षा के लिए नेताओं की लगी कतार

Fri, 08 Mar 2013 09:51 PM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
नई दिल्ली/एजेंसी Updated Fri, 08 Mar 2013 09:51 PM IST
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politicians queue up for z-plus security
‘जेड प्लस’सुरक्षा के लिए नेताओं की कतार फिर से बढ़ने लगी है।
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ताजा सूची में केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और बसपा सांसद बृजेश पाठक के नाम शामिल हुए हैं।

पी चिदंबरम ने गृह मंत्री रहते हुए वीआईपी की सूची को काफी छोटा कर दिया था।

मगर उनके हटने के बाद अब फिर से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग उठना शुरू हो गई है।

स्टील मंत्री वर्मा से जब पूछा गया कि क्या उन्हें जेड-प्लस सिक्योरिटी की जरूरत है, तो वर्मा ने कहा कि वह नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में स्थित स्टील प्लांट और खदानों में जाते रहते हैं और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें 90 के दशक से ही सुरक्षा दी जा रही है और कुछ समय के लिए उनकी सुरक्षा कम की गई थी। इसके बाद से ही उन्हें धमकियां मिलने लगी थी। इसी वजह से उन्हें सरकार को उनकी सुरक्षा बढ़ाने के लिए आग्रह करना पड़ा।
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गृहमंत्री के अपने कार्यकाल के दौरान चिदंबरम ने विशेष सुरक्षा हासिल करने वाले वीआईपी की सूची को सीमित कर दिया था। नतीजतन कई नेताओं, रिटायर्ड नौकरशाहों और कुछ पत्रकारों से सुरक्षा वापस ले ली गई थी।
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हालांकि चिदंबरम के गृहमंत्री पद से हटते ही नेताओं ने फिर से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग करनी शुरू कर दी है। इनमें से कुछ तो अपनी पसंद के अर्द्धसैनिक बल के कमांडो की तैनाती चाहते हैं।

बेनी प्रसाद वर्मा की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय के अंतर्गत सीआईएसएफ के विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं। वर्मा के पास मोबाइल सिक्योरिटी टीम भी है, जिसका मतलब जब भी वह देश की राजधानी से बाहर जाएंगे, उनके साथ कमांडो साथ होंगे। बसपा से राज्यसभा सांसद बृजेश पाठक भी पहले जे प्लस सुरक्षा का लुत्फ उठा रहे थे, लेकिन चिदंबरम ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी।

अचूक होता है सुरक्षा घेरा
जेड प्लस श्रेणी के तहत संबंधित वीआईपी के साथ हर समय कम से कम 20 सुरक्षाकर्मियों का दस्ता होता है। मणिपुर के मुख्यमंत्री ओमराम इबोबी सिंह, पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम जीत सिंह मजीठिया, यूपी के सीनियर नेता अमर सिंह और आतंकवाद रोधी फ्रंट के अध्यक्ष एमएस बिट्टा को इस समय जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है। वर्तमान में कुल 37 वीआईपी/वीवीआईपी को सीआईएसएफ सिक्योरिटी प्रदान कर रही है।

पंजाब के बाद दिल्ली का नंबर
पंजाब के बाद देश की राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी वीआईपी की सुरक्षा में तैनात हैं। दिल्ली में 427 वीआईपी को सुरक्षा दी गई है, जिसमें से प्रत्येक के साथ 12 से भी ज्यादा सुरक्षाकर्मी रहते हैं।


253 नागरिकों पर एक पुलिसकर्मी
2012 में ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा मुहैया कराए गए डाटा के अनुसार दिल्ली में हर 253 नागरिकों पर सिर्फ एक पुलिस कर्मी तैनात है जबकि 427 हाई प्रोफाइल लोगों की सुरक्षा के लिए 5,183 पुलिस वालों की तैनाती की गई है। इन वीआईपी लोगों में मंत्री, सांसद, विधायक और नौकरशाह शामिल हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि देशभर में 14,842 लोगों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

341 करोड़ रुपये का खर्च
सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि मौजूदा वित्त वर्ष में वीआईपी लोगों की सुरक्षा पर 341 करोड़ रुपये का खर्च आया।

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