नितिन गडकरी की ‘जासूसी’ पर सियासी जंग
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कथित जासूसी संबंधी मीडिया रिपोर्ट पर सियासी जंग शुरू हो गई है। हालांकि खुद गडकरी ने इसे कोरी कल्पना करार देकर मामले को ठंडा करने की कोशिश की है, मगर उन्हीं की पार्टी के सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यह कहकर नया विवाद खड़ा कर दिया है कि यह जासूसी यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान की गई। उधर कांग्रेस, डीएमके ने इस मामले को भाजपा का अंदरूनी झगड़ा करार देते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सफाई मांगी है तो एनसीपी ने इस मामले को संसद में उठाने की घोषणा की है।
मालूम हो कि एक अंग्रेजी साप्ताहिक पत्रिका ने दावा किया है कि बीते दिनों गडकरी के तीन मूर्ति लेन स्थित सरकारी आवास से जासूसी उपकरण बरामद हुए। इन उपकरणों में बातें सुनने वाले उच्च क्षमता के खुफिया उपकरण (हाई पावर लिसनिंग डिवाइस) भी शामिल थे। हालांकि इस आशय की रिपोर्ट प्रकाशित होते ही गडकरी ने ट्वीट कर इसे कोरी कल्पना करार दिया।
जासूसी पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
गडकरी की कथित जासूसी पर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने है। हालांकि गडकरी ने खुद इससे संबंधित रिपोर्ट को कोरी कल्पना करार दे कर मामले को शांत करने की कोशिश की। मगर स्वामी ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुई जासूसी का दावा कर मामले को नया रूप दे दिया। स्वामी ने दावा किया कि जासूसी उपकरण फिट करने की घटना पिछले साल अक्तूबर की है। चूंकि उस समय यूपीए की सरकार थी, इसलिए इस तरह की घटना बिना उसकी जानकारी के नहीं हो सकती है।
स्वामी के आरोप के तत्काल बाद कांग्रेस ने भी पलटवार करने में देरी नहीं की। पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसे गंभीर मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह घटना एनडीए के मंत्रिमंडलीय सहयोगियों में विश्वास की कमी और आपसी भरोसे के अभाव का दर्शाती है। इस मामले में न केवल गडकरी को बल्कि प्रधानमंत्री और भाजपा को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने भी मामले की जांच कराने की मांग की है।
क्या है मामला
एक साप्ताहिक पत्रिका की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाल में गडकरी के 13 तीन मूर्ति लेन आवास के बेड रूम में जासूसी उपकरण लगे होने का पता चला। इसके तत्काल बाद ये उपकरण हटाने का निर्देश दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक बातें सुनने वाले यह उपकरण उच्च क्षमता के थे और इस तरह के उपकरण आम तौर पर पश्चिमी खुफिया एजेंसियां इस्तेमाल करती हैं।
इन्होंने कहा...
भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी का कहना है कि मेरी जानकारी के मुताबिक जासूसी उपकरण पिछले साल अक्तूबर में लगाए गए। चूंकि उस समय यूपीए की सरकार थी। इसलिए इस तरह की घटना बिना उसकी जानकारी के नहीं हो सकती है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि अगर मंत्री के घर में जासूसी के उपकरण लगाए गए तो इस मामले की जांच होनी चाहिए। सरकार को इस मामले में संसद में स्थिति साफ करनी चाहिए।