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वाराणसी: अल्पसंख्यकों को रिझाने के लिए सभी दलों ने फेंका पासा

Sun, 11 May 2014 08:59 PM IST
Updated Sun, 11 May 2014 08:59 PM IST
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political parties wooing minorities in varanasi

लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 12 मई को पूर्वांचल की सीटों पर होने वाले मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों ने ताकत झोंक दी है। देश की सबसे हॉट वाराणसी सीट पर सभी राजनीतिक दलों ने अल्पसंख्यकों पर आखिरी दांव चला है।

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भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सपा और बसपा ने जनसभा और रोड शो के जरिये चुनाव प्रचार थमने से पहले अल्पसंख्यकों पर पासा फेंका है। वहीं, कांग्रेस के बड़े मुस्लिम नेता और अभिनेता शहर में डेरा डाले हुए हैं।
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भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने रोहनिया में आठ मई को पार्टी की रैली में मंच पर कर्नल निजामुद्दीन को सम्मानित किया और उनके पैर छूकर अल्पसंख्यकों को संदेश दिया था।
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अखिलेश और राहुल का चुनावी जुलूस

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वहीं शनिवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सपा के प्रदेश अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रोड शो कर अल्पसंख्यक मतों को रिझाने की कोशिश की। यही नहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के बड़े मुस्लिम नेता और अभिनेत्री नगमा कई दिनों से शहर में हैं।

मुस्लिम बहुल इलाकों में गुलाम नवी आजाद, सलमान खुर्शीद, राशिद अल्वी, रजा मुराद, आसिफ मोहम्मद खान, नसीब पठान, खुर्शीद अहमद सैयद अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं।

गुलाम नबी आजाद, सलमान खुर्शीद और राशिद अल्वी तो बाकायदा कई बैठकें भी कर चुके हैं। वहीं, अभिनेत्री नगमा भी रोड शो और सभाएं कर चुकी हैं। राहुल के रोड शो में भी नगमा शामिल हुईं।

केजरीवाल और मायावती ने नहीं छोड़ी कसर

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इससे पहले नौ मई को आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल ने मुस्लिम बहुल इलाके से होते रोड शो कर अपने पक्ष में फिजा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

नौ मई को ही गौराकलां में बसपा की जनसभा में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भी अल्पसंख्यकों से वोट बिखरने न देने की अपील की थी और बसपा को अल्पसंख्यकों का सच्चा हितैषी साबित करने का पुरजोर प्रयास किया था।

चुनाव प्रचार के अंतिम समय में राजनीतिक दलों का अल्पसंख्यकों पर चला गया यह दांव कितना कारगर साबित होगा यह तो चुनाव परिणाम घोषित होने पर ही पता चलेगा।

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