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सियासी दलों के निशाने पर आए राहुल
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 26 Oct 2013 02:04 AM IST
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मुजफ्फरनगर के दंगों पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपने बयान पर चौतरफा घिर गए हैं। राहुल अपने बयान को लेकर भाजपा, सपा व वामदलों के सीधे निशाने पर आ गए हैं।
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विपक्षी दल राहुल से मुस्लिम युवकों से माफी मांगने को कह रहे हैं। आईएसआई के मुस्लिम युवकों से संपर्क में होने के बयान को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश बताते हुए भाजपा ने राहुल की चुनाव आयोग से शिकायत की है। वहीं सरकार की ओर से राहुल के बयान पर चुप्पी साध ली गई है।
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गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आईएसआई के दंगा पीड़ित परिवारों के युवकों से संपर्क साधने और आईबी के राहुल को इसकी जानकारी देने के सवालों का जवाब देने से कन्नी काट ली।
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आजम ने भी साधा निशाना
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने झांसी की रैली में राहुल को कटघरे में खड़ा किया, जबकि सपा नेता व उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान लखनऊ में राहुल पर बरसे। मोदी की तरह आजम खान ने भी कहा कि राहुल को मुस्लिम युवकों से माफी मांगनी चाहिए।
वामदलों खासतौर पर भाकपा ने तो राहुल को भिंडरावाला का स्मरण दिला दिया। पार्टी सचिव अतुल अनजान ने कहा कि राहुल को यह बात भी याद रखती चाहिए कि उनकी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ही अकालियों के खिलाफ भिंडरावाला को बढ़ावा दिया था।
सिखों का कत्लेआम भी याद रखें राहुल
अनजान ने कहा कि शहादत सिर्फ राहुल की दादी अथवा पिता ने ही नहीं दी, बल्कि अकेले पंजाब में ही खालिस्तानी आतंकियों के हाथों भाकपा के 400 नेता-कार्यकर्ता शहीद हुए थे। दिल्ली में सिखों का कत्लेआम भी राहुल को याद रखना चाहिए।
भाकपा नेता ने कहा कि राहुल इस तरह के बयान देकर दबी राख से चिंगारी निकालकर उसे सांप्रदायिक शोला बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल ने साबित कर दिया कि वे राजनीतिक परिवार में पैदा होकर भी गैर राजनीतिक बने हुए हैं।
भाजपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत
भाजपा तो राहुल की शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंच गई है। पार्टी ने आयोग से राहुल को कारण बताओ नोटिस जारी करने की मांग की है। आयोग ने भाजपा को सोमवार को बुलाया है।
आयोग से की शिकायत में भाजपा ने कहा है कि राहुल ने बिना किसी सुबूत के उस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
राहुल के बचाव में उतरी एकजुट कांग्रेस
मुजफ्फरनगर दंगा मामले में दिए गए बयान पर उपजे विवाद के बीच पूरी कांग्रेस पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बचाव में उतर आई है। पार्टी ने न केवल राहुल के बयान का समर्थन किया, बल्कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा को वैचारिक रूप से उग्रवादी भी करार दिया।
पार्टी नेताओं ने एकसुर में कहा कि राहुल ने नफरत फैलाने की राजनीति करने वाले दलों से जनता को आगाह कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई है। भाजपा के राहुल के खिलाफ चुनाव आयोग में की गई शिकायत को तवज्जो न देते हुए पार्टी ने कहा कि आईबी द्वारा सांसदों को इस तरह की जानकारी देना कोई नई बात नहीं है।