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महाकुंभ: पार्टियों के निशाने पर रेलवे और यूपी सरकार

Tue, 12 Feb 2013 12:31 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी Updated Tue, 12 Feb 2013 12:31 AM IST
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political parties target to railway and up govt on maha kumbh tragedy

महाकुंभ के दौरान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत के बाद भाजपा समेत विपक्षी पार्टियों ने रेलवे और यूपी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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भाजपा ने इस पूरे हादसे की न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी ने इस दुर्घटना के लिए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को समान रूप से दोषी ठहराते हुए कहा कि इन दोनों को तू-तू-मैं-मैं छोड़ कर घायलों के इलाज के समुचित इंतजाम करने चाहिए। भाजपा ने कहा कि सरकार को इस बात पर गंभीरता से सोचना चाहिए कि आखिरकार आजादी के छह दशकों बाद भी धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान इस तरह के हादसे रोकने के ठोस इंतजाम क्यों नहीं हो पाए हैं।
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पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि शबरी माला मंदिर हो या नैना देवी या राजस्थान सभी जगह श्रद्धालुओं को जान गंवानी पड़ी। इसलिए सरकार को इस तरह की आपदा से निपटने के लिए ठोस उपाय करने चाहिए। उन्होंने पीड़ितों के लिए मुआवजे की भी मांग की। उन्होंने कहा, ‘रेल मंत्री अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते हैं। वह तकनीकी उत्तर दे रहे हैं कि फुटओवर ब्रिज नहीं टूटा बल्कि स्टेशन पर मची भगदड़ की वजह से हादसा हुआ। जबकि सच्चाई यह है कि भीड़ को ज्यादा बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जा सकता था।’
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भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अगर रेलवे स्टेशन पर उचित व्यवस्था होती तो कई लोगों की जानें बच सकती थी। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने भगदड़ की घटनाओं की विस्तृत रूप से जांच की जानी चाहिए। भाजपा की वाजपेयी सरकार में रेल मंत्री रह चुके नीतीश ने कहा कि रेलवे प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई और इसी कारण हादसे ने इतना गंभीर रूप धारण किया।

तृणमूल कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सौगत राय ने इस दुर्घटना के लिए रेलवे और स्थानीय प्रशासन को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि रेलवे महाकुंभ के मद्देनजर 150 ट्रेन चलाने की घोषणा की थी जबकि उसने इसकी आधी ट्रेन ही चलाईं। उन्होंने पुलिस के लाठीचार्ज को भी एक कारण बताया।


इस बीच कांग्रेस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि घटना में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के बयान का बचाव किया। पार्टी प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा, ‘यूपी सरकार ने जांच कमेटी गठित कर दी है। उनकी रिपोर्ट आने दीजिए, अगर प्रशासन की तरफ से खामियां रही होंगी, तो निश्चित रूप से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

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