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आरटीआई के दायरे में आने पर राजनीतिक दल बिफरे

Tue, 04 Jun 2013 05:27 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 04 Jun 2013 05:27 PM IST
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political parties not happy with the cic decision

राजनीतिक दलों के आरटीआई के दायरे में आने की बात पर जनता अभी खुश होना शुरू हुई थी कि नेताओं ने जल्द ही साफ कर दिया है कि यह सुधार इतनी आसानी से लागू नहीं होगा।

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कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के इस आदेश को खारिज कर दिया कि राजनीतिक दलों को भी सूचना के अधिकार (आरटीआई) एक्ट के दायरे में आना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता जर्नादन द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का समर्थन नहीं करती।
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इसके अलावा भाजपा ने भी इस फैसले का विरोध किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'राजनीतिक दलों को अपनी संपत्ति का खुलासा सीआईसी के समक्ष करना है या नहीं, इस बारे में फैसला चुनाव आयोग को करना है।'
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सोमवार को सीआईसी ने कहा था कि भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी, सीपीआई-एम, सीपीआई और बीएसपी को अपनी फंडिंग का बड़ा हिस्सा अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र सरकार से मिलता है। इसलिए प्रशासन और आम जनता को लेकर उनकी जवाबदेही बनती है।

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