जन सत्याग्रहः कांग्रेस की कबड्डी में भाजपा का धोबीपाट
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जनांदोलन विरोधी न होना साबित करने की कांग्रेस की कबड्डी पर भाजपा ने धोबीपाट दांव मार दिया है। जयराम रमेश के यात्रा में शामिल होने से एक दिन पहले पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न केवल एमपी सरकार के काम गिनाए, बल्कि कई घोषणाएं भी कीं। वहीं, भाजपा हाईकमान भी पूरी यात्रा पर नजर रख रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सांसद रामशंकर कठेरिया के फोन पर शिवराज सिंह चौहान से बात कर पदयात्रा की जानकारी ली। स्वामी अग्निवेश ने भूमि सुधार के मसले पर केंद्र सरकार को कोसते हुए शिवराज सिंह की तारीफ की।
माना जा रहा है कि आंदोलन विरोधी सरकार होने के आरोपों से घिरी कांग्रेस यदि सत्याग्रहियों की बात मान लेती है तो इसके दूरदर्शी परिणाम होंगे। एक तो आंदोलन विरोधी होने के आरोप का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकेगा, वहीं 2013-2014 में आदिवासी और दलित बहुल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान, उड़ीसा, कर्नाटक समेत उत्तरी राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार की जा सकेगी। वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस की चुनावी कबड्डी को ध्यान में रखते हुए पहले ही धोबीपाट मार दिया है।
वोट में तब्दील हो सकने वाले इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस भी संवेदनशील है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश आ रहे हैं। वह समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। यह और बात है कि उससे एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एक तीर से दो निशाने साध लिए। उन्होंने अपने राज्य की जनता के बीच अपनी बात कह दी और बता दिया कि केंद्र सरकार जो देने की बात जद्दोजहद के बाद कर रही है, उसे एमपी ने पहले ही दे दिया।
माना जा रहा है कि इसके पीछे पार्टी का थिंक टैंक काम कर रहा है। बुधवार को सभा स्थल पर शिवराज के पहुंचने के साथ स्थानीय स्तर पर सांसद, मेयर, विधायक के अलावा काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी थे। वहीं, इसके बाद जन सत्याग्रह यात्रा का स्वागत विभिन्न स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। पदयात्रा के दौरान नितिन गडकरी के पास पल-पल की खबर जाती रही है। वहीं गडकरी ने यात्रा के दौरान ही सांसद रामशंकर कठेरिया के फोन पर शिवराज से करीब तीन मिनट बात की। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सत्याग्रह यात्रा की सफलता को लेकर भाजपा ने धोबीपाट मार दिया।