'गीता' पर मोदी के बयान से सियासी बवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गीता को लेकर जापान में दिए बयान से देश में सियासी उबाल आ गया है। मोदी ने गीता को लेकर जापान में जो कुछ कहा उसे लेकर कुछ बड़े नेताओं ने आपत्तिजनक बताया है।
गौरतलब है कि पीएम मोदी पांच दिवसीय जापान दौरे पर गए तो वहां के प्रधानमंत्री आबे को देश की ओर से उपहार स्वरूप गीता भेंट की थी।
इसके बाद मोदी ने जापान में ही एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं जापान के प्रधानमंत्री को गिफ्ट देने के लिए सबसे अच्छी चीज गीता लाया हूं, लेकिन देश के टीवी चैनलों पर इस बहस चलेगी कि मोदी ने गीता क्यों दी। हमारे सेक्युलर मित्र भी इस पर सवाल खड़ा करेंगे।'
उन्होंने कहा 'हमारे सेक्युलर मित्र कहेंगे कि मोदी अपने-आप को समझता क्या है, इसने गीता को भी कम्युनल रंग दे दिया। खैर, उनकी भी रोजी रोटी चलनी चाहिए।'
मोदी के बयान पर नेताओं की प्रतिक्रिया
गीता पर जापान में मोदी के दिए इस बयान पर कई राजनीतिक दलों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। यूपी कांग्रेस की नेता रीता बहुगणा जोशी ने कहा है कि मोदी ने अगर वहां पर गीता भेंट की है तो इसमें खास क्या है? उन्होंने कहा कि मोदी के इस कदम से उन्हें कोई बुराई नहीं है।
इस मामले पर निराशा व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने कहा है कि मोदी अगर गीता के साथ ताजमहल भी जपान के प्रधानमंत्री को देते तो उन्हें और खुशी होती। क्योंकि ताजमहल का पूरी दुनिया में नाम है।
हालांकि गीता पर मोदी के सेक्युलर वाले बयान पर जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव ने कड़ी आपत्ति जाहिर करते हुए कहा है कि मोदी को अपने घर की बात बाहर नहीं उजागर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारे देश की अंदर की बातें हैं, इन्हें किसी दूसरे देश में नहीं बताना चाहिए।