कांग्रेस-भाजपा में फिर हुई एक खास ‘सियासी डील'!
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तेलंगाना को लेकर लोकसभा में ‘दोस्ती’ के बाद राज्यसभा के लिए भी कांग्रेस और भाजपा में एक बार फिर ‘सियासी डील’ हो गई।
इस डील के तहत ही राज्यसभा में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सीमांध्र को पांच साल के लिए विशेष दर्जा देने संबंधी पैकेज की घोषणा की।
हालांकि भाजपा बिल में ही सीमांध्र के लिए विशेष पैकेज का प्रावधान करने की जिद पर अड़ी थी, लेकिन सरकार के लिए मुश्किल यह थी कि ऐसा करने पर उसे इन संशोधनों को लोकसभा से भी पारित कराना जरूरी हो जाता।
जोखिम नहीं उठाना चाहती कांग्रेस
जबकि मौजूदा हालात में सरकार इस मुद्दे को फिर से लोकसभा में लाने का जोखिम नहीं उठाना चाहती थी। इसलिए सरकार और भाजपा नेताओं के बीच बुधवार रात और फिर बृहस्पतिवार को भी बातचीत के दौर चलते रहे।
लंबी चर्चा के बाद बीच का रास्ता यह निकाला गया कि प्रधानमंत्री सदन में भाजपा की मांगों को लेकर ऐलान कर देंगे। इससे चुनाव बाद सरकार किसी भी दल की आए, उसे सदन में दिए आश्वासन को पूरा करना ही होगा।
सुषमा स्वराज से नाराज नेता
भाजपा की हैदराबाद को लेकर संविधान संशोधन लाने और सीमांध्र को उचित पैकेज देने की मांग के कारण पैदा गतिरोध आखिरकार इस ‘सियासी डील’ के बाद खत्म हो गया।
दरअसल, लोकसभा में सुषमा स्वराज के नरम रुख के चलते भाजपा का एक बड़ा वर्ग नाराज था।
खासतौर पर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू बेहद नाराज थे। इसलिए सरकार के साथ हर बातचीत में भाजपा ने वेंकैया को भी शामिल किया।