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कहीं कांग्रेस को अपने ही न ले डूबें

Mon, 14 Oct 2013 08:40 AM IST
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/नई दिल्ली Updated Mon, 14 Oct 2013 08:40 AM IST
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political analysis of assembly election

राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली के कांग्रेस के कई क्षत्रप नाराज चल रहे हैं। उनकी नाराजगी का सबसे बड़ा कारण है कि टिकट बंटवारे में उनकी पसंद-नापसंद को जमकर नजरअंदाज किया जा रहा है।

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लिहाजा, ये क्षत्रप हाईकमान से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। राजस्थान में सीपी जोशी नाराज हैं। वहां के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को हाईकमान ने टिकट बंटवारे में खुली छूट दे दी है।
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छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की नाराजगी किसी से छिपी नहीं है। मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के बढ़ते कद से दिग्विजय सिंह नाराज हैं। उन्हें अपने समर्थकों को टिकट दिलाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
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राजस्थान की चुनावी प्रक्रिया से जोशी ने खुद को दूर कर लिया है। पिछले विधानसभा चुनाव में एक वोट से हारकर मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवाने वाले जोशी इस बार अशोक गहलोत की दादागिरी से परेशान हैं।

प्रदेश प्रभारी महासचिव गुरुदास कामत ने गहलोत को टिकट बंटवारे में खुली छूट दे दी है। लिहाजा, जोशी के लिए अपने समर्थकों को टिकट दिलवाना मुश्किल पड़ रहा है।

इससे खफा जोशी बैठकों में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उनके करीबी बताते है कि वह अपनी नाराजगी को लेकर राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।

मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह काफी बेचैन हैं। उनके विरोध के बावजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष बन गए। अब सिंधिया दिग्विजय सिंह के समर्थकों को टिकट देने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

यही नहीं, सिंधिया को लेकर हाईकमान सकारात्मक नजर आ रहा है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस की एक प्रेस कांफ्रेंस में सिंधिया शामिल थे, जबकि दिग्विजय सिंह को दरवाजे पर ही रोक दिया गया।

इस मामले ने जमकर तूल पकड़ा। इस घटना के लिए भी हाईकमान सिंह को ही दोषी मान रहा है। उस कार्यक्रम में मौजूद एक शीर्ष नेता ने कहा कि दिग्विजय जानबूझकर आम दरवाजे से आए, जो कि हॉल भरने के बाद बंद कर दिया गया था।

उन्हें पिछले दरवाजे से आने के लिए कहा गया था। दिग्विजय के करीबी प्रदेश अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया के बेटे को भी टिकट देने को लेकर सिंधिया ने विरोध जता दिया है।


छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की नाराजगी भले ही पहले से कुछ कम हुई है, लेकिन वह अपने बेटे अमित जोगी को टिकट दिलाने के लिए आलाकमान पर खूब दबाव बना रहे हैं।

वह प्रदेश के प्रभारी महासचिव बीके हरिप्रसाद से इसी चलते नाराज चल रहे हैं। उनका मानना है कि हरिप्रसाद ही उनके बेटे को टिकट देने के रास्ते में रोड़ा अटका रहे हैं।

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