फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   policman died when he saw his bad crops

बहन की शादी करने घर लौटा था जवान, फसल देख चली गई जान

Sat, 11 Apr 2015 09:13 AM IST
Updated Sat, 11 Apr 2015 09:13 AM IST
विज्ञापन
policman died when he saw his bad crops

चार मई को बहन की शादी थी। सभी तैयारियां बाकी थीं। तो जादोंपुर का उम्मेद सिंह सिकंदराबाद, हैदराबाद से 15 दिन की छुट्टी पर आया था। गेहूं की तैयार फसल से पैसे का इंतजाम होना था। घर से फसल को हुए नुकसान के बारे में बताया तो गया था लेकिन सोचा कि सब थोड़े ही बर्बाद हो गया होगा।

विज्ञापन


परिवार के लोग बताते हैं कि मंगलवार को रात में आया और बुधवार को सुबह होते ही खेत पर चला गया। देखा कुछ नहीं बचा। देर शाम लौटा तो बहुत गुमसुम था। गुरुवार को सुबह फिर खेत पर चला गया। देर शाम लौटा, खाना भी ठीक से नहीं खाया।
विज्ञापन


बस बहन की शादी के लिए पैसे के इंतजाम की बात करता रहा। तड़के चार बजे परिवारवालों ने देखा तो मौत हो चुकी थी। उम्मेद के पिता प्रेम सिंह की मौत के बाद वही परिवार में कमाने वाला था। चार साल पहले उसकी आरपीएसएफ (रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स) में सिपाही नौकरी लगी तो परिवार के हालात कुछ सुधरे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उम्मेद की तनख्वाह और खेती से मिले पैसे से परिवार का खर्चा सही चल रहा था। भाई मोहन और बहन मीरा की पढ़ाई भी हो रही थी। एक साल पहले उम्मेद की शादी भी हो गई। अब बहन की शादी होने वाली थी तो सोचा छह बीघा में हुई गेहूं की फसल को बेचकर खर्चा पूरा हो जाएगा। अब मां रोती जाती है, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि ने फसल तो छीनी ही, बेटा भी छीन लिया।

बर्बादी के बाद किसान ने लगाई फांसी

policman died when he saw his bad crops

बरसात और ओलावृष्टि से हुई फसलों की बर्बादी के बाद किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। सदमे से जान जाने के मामले रुके नहीं थे कि अब आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं। चौमुंहा में किसान शिशुपाल के आत्मदाह के बाद नंदगांव में किसान रणवीर (30) ने गुरुवार को रात में फांसी लगाकर जान दे दी।

नंदगांव के नाहर सिंह मोहल्ला निवासी रणवीर पुत्र लच्छो अपने दो बेटे प्रिंस और हनी व पत्नी कल्पना के साथ बेहद खुश थे। हाल ही में हुई ओलावृष्टि के बाद उनकी फसल भी तहस नहस हो गई। इस नुकसान से रणवीर का मनोबल टूट चुका था। कल्पना ने भी पति को बहुत समझाया।

बताया गया है कि गुरुवार को रणवीर ने पूरे दिन खेतों में काम किया। शाम घर में जब सभी सो गए तो आधी रात में रणवीर ने पंखे से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सुबह पत्नी ने दृश्य देखा तो चीख पुकार मच गई। मौके पर मौजूद सपा नगर अध्यक्ष दानबिहारी चौधरी, भाई हरी सिंह आदि ने बताया कि रणवीर कई दिनों से परेशान थे।

वह खेती से बचे समय में ड्राइवरी करते थे और लोगों से उधार लिए रुपये चुकाना चाहते थे। उन पर करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज है। हिस्से में डेढ़ बीघा जमीन थी जिसमें गेंहू की फसल उगा रखी थी। ओलावृष्टि ने उनके सपने चकनाचूर कर दिए।

सदमे से मरी वृद्धा

policman died when he saw his bad crops

चार एकड़ फसल में 40 मन गेहूं देख वृद्धा को ऐसा सदमा लगा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। नंदगांव के नाहर सिंह मोहल्ला निवासी शिशुपाली पत्नी नत्थी (65) के बेटे महेंद्र और देशराज गुरुवार को फसल लेकर घर आए।

शिशुपाली ने कम गेहूं देख बेटों से प्रश्न किया कि और गेहूं कहां हैं? इस पर महेंद्र और गोपाल ने बताया कि मां चार एकड़ में मात्र 40 मन गेहूं ही हुए हैं। बताया गया है कि शिशुपाली इतना सुनते ही लड़खड़ा गईं।

बेटों ने स्थानीय चिकित्सक को बुलाया तो चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद कोसी ले जाने की सलाह दी। मगर वृद्धा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बेटे महेंद्र सिंह ने बताया कि क्रॉप लॉन और बच्चों की फीस को लेकर मां बेहद चिंतित रहती थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed