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यूपी: जेल के बाहर सिपाही का मर्डर

Sat, 13 Dec 2014 01:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 13 Dec 2014 01:21 PM IST
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policeman killed in front of jail.

मुजफ्फरनगर में बाइक सवार बदमाशों ने जेल से ड्यूटी कर घर लौट रहे सिपाही को गोलियों से भून डाला। शुक्रवार की देर रात शहर के बीचोंबीच हुई दुस्साहसिक वारदात से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। इस घटना के बाद आला अधिकारियों ने शहर की नाकेबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। अभी तक की छानबीन में हत्या का कारण जेल से ही जुड़ा माना जा रहा है।

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15 मई 2013 को आगरा जेल से मुख्य आरक्षी चुन्नीलाल शर्मा (55) स्थानांतरण होकर मुजफ्फरनगर जेल आया था। शुक्रवार की देर रात जेल से ड्यूटी कर सिपाही पैदल ही शिवपुरी कॉलोनी में अपने आवास पर लौट रहा था। जेल गेट से महज कुछ कदम दूर ही गली में बाइक सवार बदमाशों ने अचानक सिपाही पर गोलियां बरसा दीं। घटनास्थल पर ही सिपाही की मौत हो गई। गली में अंधेरा होने के कारण बदमाशों को आते-जाते नहीं देखा गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी।
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सूचना पर पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और लहूलुहान सिपाही को जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटनास्थल से पिस्टल के पांच खोखे बरामद हुए हैं। करीब एक घंटे बाद एसएसपी हरिनारायण सिंह भी मौके पर पहुंचे और शहर की नाकेबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई पता नहीं चला।

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सीओ सिटी संजीव वाजपेयी ने बताया कि सिपाही चुन्नीलाल मूल रूप से हाथरस के सासनी गांव का निवासी था। उसका परिवार वर्तमान में मथुरा के लक्ष्मीनगर में रहता है। वारदात का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

जेल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तीन दिन पहले जेल में बंद एक शातिर से चुन्नीलाल की किसी बात पर कहासुनी हुई थी, जिसमें उसे भुगत लेने की धमकी दी गई थी। हालांकि जेल अधीक्षक डॉ सेवाराम ने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार किया है। उनका कहना है कि पूरे मामले की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

आखिर किसकी आंखों की किरकिरी था चुन्नीलाल?

policeman killed in front of jail.

जेल के मुख्य आरक्षी चुन्नीलाल शर्मा के कत्ल के पीछे कौन है। सिपाही चुन्नीलाल किसकी आंखों की किरकिरी बना हुआ था, यह सब सवाल पुलिस के लिए अहम है। वारदात में शार्प शूटरों के इस्तेमाल होने की आशंका जताई जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में हत्या का राज भी जेल की चहारदीवारी के अंदर ही माना जा रहा है।

जेल के मुख्य बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा पुत्र तुलाराम शुक्रवार की रात 9.20 बजे ड्यूटी खत्म कर जेल से बाहर निकले ही थे। बदमाशों ने उन्हें सुनसान गली में घेर लिया।

माना जा रहा है कि बदमाश बाइक पर सवार थे। वारदात को अंजाम देने से पहले कातिलों ने सिपाही की रेकी की। सिपाही को इस तरह टारगेट बनाया गया, जिसमें उसके बचने की गुंजाइश न के बराबर थी। सिपाही के सिर और चेहरे को ही निशाना बनाकर गोलियां दागी गईं। वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि आसपास के लोगों को जब तक वारदात का पता चला बदमाश सुरक्षित वहां से फरार हो गए। घटना की जांच में जुटे पुलिस के अधिकारी मान रहे हैं कि वारदात के पीछे किसी बड़े अपराधी का हाथ हो सकता है। वारदात में भी शार्प शूटरों का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिपाही चुन्नीलाल आखिर किसकी राह का रोड़ा बना हुआ था, हत्या क्यों की गई। यह तो साफ है कि वारदात के तार जेल से जुडे़ हुए हैं। दबी जुबान से यह भी चर्चा हो रही है कि जेल में बंद किसी बड़े अपराधी से कुछ दिन पहले सिपाही की कहासुनी हुई थी, लेकिन इससे ज्यादा इस बारे में कोई बोलने को तैयार नहीं है। जेल के अधिकारी हत्या की कोई भी संभावना से अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं।

दीनदयाल भी इसी तरह मारा गया था

policeman killed in front of jail.

मुजफ्फरनगर जेल के प्रधान बंदी रक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या से पहले भी एक बंदीरक्षक का इसी तरह कत्ल हो चुका है। करीब छह साल पहले जेल के तत्कालीन प्रधान बंदीरक्षक दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी की शाम के समय जेल गेट के बाहर ही सब्जी खरीदते समय सरेआम गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।

सनसनीखेज वारदात के पीछे दीनदयाल शर्मा की कुछ दिन पहले जेल में बंद शातिर से हुई कहासुनी को कारण बताया गया था, लेकिन बाद में पूरे मामले पर पर्दा डाल दिया गया था। दीनदयाल की हत्या के बाद जेल गेट पर नई मंडी कोतवाली पुलिस की चौकी भी स्थापित की गई थी। यह चौकी अब भी मौजूद है, लेकिन इस बार चुन्नीलाल शर्मा की हत्या के लिए जेल गेट से चंद कदमों की दूरी पर अंधेरी गली को चुना गया।

जेल सूत्र वारदात की वजह इस बार भी प्रधान बंदीरक्षक की जेल में तीन दिन पूर्व शातिर से हुई कहासुनी को वजह बता रहे हैं, लेकिन जेल प्रशासन इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। मामले में एसएसपी एचएन सिंह का कहना है कि हत्या का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। सिपाही के गांव में उसकी किसी से रंजिश होने की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है।

जेल प्रशासन ने प्रधान बंदीरक्षक चुन्नीलाल शर्मा की हत्या की जानकारी उनके परिजनों को दे दी है। परिजन मथुरा से मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो गए थे। उनके देर रात तक यहां पहुंचने की संभावना थी।

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