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यूपी: 12 घंटे के लिए किराए उठा दिया पूरा पुलिस थाना

Mon, 11 Jan 2016 02:37 AM IST
Updated Mon, 11 Jan 2016 02:37 AM IST
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police station on rent for 12 hours for film shooting

सुनने में भले ही थोड़ा अटपटा लगे। लेकिन यह है सच। शहर का सिविल लाइन थाना रविवार को पूरा दिन के लिए किराए पर दे दिया गया था। थाना तो असली था लेकिन पूरा दिन थाने पर नकली पुलिस वालों का कब्जा रहा। असली थाने में नकली पुलिस को देख थाने पहुंचे फरियादी दिनभर दुविधा में रहे।

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थाने पर सुबह सात बजे से लेकर शाम को करीब इतने ही वक्त तक एक फिल्म यूनिट का कब्जा था। थाने में ‘2016 द एंड’ की शूटिंग चल रही थी। पूरा दिन थाने में लाइट..कैमरा..एक्शन का ड्रामा चलता रहा।
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बेतहाशा क्राइम से जूझ रहे सिविल लाइन थाने में पूरा दिन चले इस ड्रामे को अधिकारी गलत नहीं मानते। थाने के गेट पर दोनों साइड फिल्म यूनिट के वाहनों की कतारें थीं। थाने के दरवाजे पर फिल्म यूनिट के साथ तैनात बाउंसरों का कब्जा था। ये बाउंसर फरियादियों को थाने में घुसने से रोकते रहे। जिन्होंने जबरदस्ती की उन्हें बाउंसरों के दो चार हाथ भी झेलने पड़े।
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'परमिशन के साथ शूटिंग हो रही'

police station on rent for 12 hours for film shooting

हालात ये थे कि पूरा दिन असल पुलिस वाले थाने में एक कोने में सिमटे रहे और इंस्पेक्टर के आफिस से लेकर बाकी पूरे थाने पर फिल्म बनाने वालों का कब्जा था। दरअसल प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री का बेटा भी इस फिल्म के निर्माण से जुड़ा है लिहाजा पापा ने तमाम सरकारी इमारतों को भी जागीर समझकर बेटे को खुली छूट दे दी है।

मामला मंत्री से जुड़ा है लिहाजा अफसरों की क्या जुर्रत जो इंकार करें। पुलिस को तमाशा बनाते हुए थाना तक फिल्म यूनिट के हवाले कर डाला। फजीहत वैसे भी यहां अफसरों को नापसंद नहीं। कभी जमीनों के धंधे में खाकी पर दाग लग रहे हैं तो कभी मर्डर जैसी संगीन घटनाओं के फर्जी खुलासों से किरकिरी हो रही है। कभी कोतवाल पालतू कुत्ते से आतंक की चेकिंग करा देते हैं तो कहीं भरे चौराहे पिटते पुलिस वालों की वजह से महकमे का इकबाल धड़ाम हो रहा है। 

डा. राम सुरेश यादव, एसपी सिटी ने बताया कि एडीएम सिटी की परमिशन के साथ शूटिंग हो रही है। जिन-जिन प्वाइंट पर भी शूटिंग होनी है उस हरेक प्वाइंट की अनुमति है। इसके लिए पैसा भी जमा कराया गया है। सुरक्षा के लिए जो पुलिस कर्मी लगाए गए हैं उनका भी खर्च वसूल किया गया है। थाने में शूटिंग किसी नजरिए से गलत नहीं है।

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