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ईमानदारी की कीमत चुका रहे हैं पुलिसवाले

Tue, 05 Mar 2013 01:01 PM IST
राम शंकर/इंटरनेट डेस्क
राम शंकर/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 05 Mar 2013 01:01 PM IST
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police ofiicers are paying price of honesty

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में डीएसपी जिया उल हक की हत्या ने एक बार फिर से पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अब सवाल उठने लगे हैं कि जनता के रक्षक के साथ ऐसा हो सकता है तो फिर आम लोगों की सुरक्षा की जवाबदेही कौन लेगा?

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ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि राजनेताओं और माफियाओं की गठजोड़ ने किसी अधिकारी की जान ली हो। यह दुर्भाग्य है कि जिया उल हक भी उन अधिकारियों के कतार में शामिल हो गए हैं जिन्हें अपने दायित्व की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी।
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डीएसपी को लाठियों से पीटा, फिर गोली मार दी
यूपी के प्रतापगढ़ जिले के बलीपुर गांव में दबंगों ने डीएसपी को लाठियों से पीटा, जीप से खींचकर जमीन पर घसीटा और फिर गोली मार दी। उन्हें पैरों में दो गोली मारी गई और फिर एक सीने में। इस मामले में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगा। चौतरफा दबाव के बाद राजा भैया ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
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फरीदाबाद में रेत माफिया ने ली थी सिपाही की जान
जनवरी, 2012 में हरियाणा के फरीदाबाद में डंपर से कुचलकर सिपाही की हत्या कर दी गई थी। फरीदाबाद के पल्ला चौक पर सिपाही महाबीर सिंह ने डंपर को रोकने की कोशिश की, इसके बाद अवैध रेत से भरे डंपर चालक ने सिपाही को कुचलकर मार डाला।

पुलिस के मुताबिक ड्राइवर ने अपने मालिक के कहने पर इसे अंजाम दिया। झज्जर के रहने वाले महाबीर 20 साल सेना में नौकरी के बाद 2003 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे।

मुरैना में आईपीएस अधिकारी को ट्रैक्टर से कुचला
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का विरोध करने पर खनन माफियाओं ने आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार को ट्रैक्टर से कुचल कर मार दिया था। घटना जिस इलाके में हुई वहां पत्थर की कई अवैध खदानें हैं।

यहां सरकारी आदेशों को दरकिनार कर अवैध रूप से खुदाई होती रही है। कहा जाता है कि अवैध खनन में लिप्त खनन माफिया, नेता और अधिकारियों का गठजोड़ इतना मजबूत है कि विरोध करने वालों को अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ता है।

बदायूं में डीएसओ को जिंदा जलाने की कोशिश
अक्टूबर, 2012 में यूपी के बदायूं में तेल माफियाओं ने वहां के डिस्ट्रिक्ट सप्लाई ऑफिसर नीरज सिंह को जिंदा जलाने की कोशिश की। जब अवैध तेल कारोबार सिसलिले में नीरज सिंह ने तेल कारोबारियों के यहां छापा मारा तो उन पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने अधिकारी को जिंदा जलाने की कोशिश भी की।

सवाई माधोपुर में भीड़ ने एसएचओ को जिंदा जलाया
अक्टूबर, 2011 में भी कुछ इसी तरह का मामला राजस्थान के सवाई माधोपुर में हुआ था। गुस्साई भीड़ ने मानटाउन के एसएचओ फूल मोहम्मद को जिंदा जला दिया था। भीड़ हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग कर रही थी। यह हत्या घटना के करीब एक महीने पहले हुई थी।


नासिक में एडीएम को तेल माफिया ने जिंदा जलाया

नवंबर, 2011 में महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमांड में अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) यशवंत सोनावने को तेल माफिया ने जिंदा जला दिया। यशवंत मिलावटखोरों पर नकेल कसना चाह रहे थे। जब यह घटना हुई कि उस समय सोनावने पेट्रोल और डीजल माफिया के यहां छापा मारने गए थे। वहीं माफियाओं ने उन्हें पकड़कर आग के हवाले कर दिया।

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