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पुलिस ने बाग में ही छोड़ दिए बदायूं कांड के अहम सबूत

Thu, 17 Jul 2014 07:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं
ब्यूरो/अमर उजाला, बदायूं Updated Thu, 17 Jul 2014 07:35 AM IST
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police left girls sleepers in garden in badaun

कटरा सआदतगंज कांड में दोनों लड़कियों की चप्पलों की बरामदगी को लेकर सीबीआई भी उलझती नजर आ रही है। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस ने इन चप्पलों को बतौर साक्ष्य सील ही नहीं किया था।

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मामले की जांच अपने हाथ में लेने पर जब सीबीआई ने लड़कियों के सामान के बारे में परिवार वालों से जानकारी मांगी तो उनके घरवालों ने दोनों की चप्पलें सीबीआई को सौंप दी थीं। पहले यह बताया गया था कि एक चप्पल कहीं दूसरी जगह से बरामद हुई है।
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28 मई को जब उसहैत पुलिस ने बाग से दोनों बहनों के शव बरामद किए तो चप्पलों को वहीं पर छोड़ दिया था। कई दिन तक यह चप्पलें बाग के पास ही पड़ी रहीं। 14 जून को पहली बार सीबीआई यहां पहुंची। बाद में जांच एजेंसी ने बरामद सामान को अपने कब्जे में ले लिया लेकिन इसमें दोनों लड़कियों की चप्पलें नहीं थीं। इस पर जांच एजेंसी ने पीड़ित परिवार से चप्पलों के बारे में पूछताछ की तो ये चप्पलें सीबीआई के सुपुर्द कर दी थीं। लड़कियों के एक चाचा ने बताया कि परिवार का एक बच्चा कई दिन बाद चप्पलों को उठा कर घर ले आया था।

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घर से मिलीं चप्पलों पर उलझी सीबीआई

police left girls sleepers in garden in badaun

लड़कियों की चप्पलें घर से मिलीं तो जांच एजेंसी उलझ गई। सूत्रों की मानें तो इसी वजह से सीबीआई लड़कियों के पिता और दोनों गवाहों के दिल्ली स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक साइंटिफिक लैबोरेट्रीज (सीएफएसएल) में नार्को, लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने के लिए ले गई थी। उस समय लड़कियों के भाई ने इसके बाद जांच एजेंसी पर सवाल उठाया था और कहा था कि सीबीआई की जांच गलत दिशा में जा रही है।

आज घर पहुंचेगा लड़कियों का भाई
लड़कियों का भाई दिल्ली से गुरुवार को घर पहुंचेगा। बता दें कि पिछले दिनों वह सीबीआई जांच पर उंगली उठाते हुए दिल्ली में नया दौर पार्टी के साथ जंतर मंतर पर धरना देने बैठ गया था। यहां कई दिन उसने धरना दिया। बुधवार देर रात वह वहां से अपने गांव कटरा सआदतगंज के लिए रवाना हो गया।

शव निकालने के लिए नहीं आई फॉरेंसिक टीम

police left girls sleepers in garden in badaun

दोनों लड़कियों के शवों के दोबारा पोस्टमार्टम को लेकर असमंजस बढ़ता जा रहा है। सीबीआई ने बुधवार को भी न तो शवों को निकालने के लिए न तो जिलाधिकारी से इजाजत मांगी और न ही दिल्ली से फॉरेंसिक टीम बदायूं पहुंची। पिछले दिनों सीबीआई सूत्रों से खबरें आई थीं कि शवों का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए इन्हें फॉरेंसिक एक्सपर्ट की निगरानी में जमीन से निकाला जाना था। दोनों लड़कियों के शवों का फिर से पोस्टमार्टम कराने के लिए सीबीआई ने हाल ही में एक मेडिकल बोर्ड भी बनाया था। इस बारे में जांच एजेंसी सीएफएसएल से मशविरा भी कर रही है।

उम्मीद थी कि जल्द ही दोबारा पोस्टमार्टम पर जांच एजेंसी की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। पिछले दिनों यह खबरें भी आई थीं कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम 17 जुलाई को लखनऊ में होगा। ऐसे में जांच एजेंसी फॉरेसिंग टीम की देखरेख में 16 जुलाई को शवों की खुदाई करा सकती है। इसके लिए बुधवार को फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी बदायूं पहुंचना था लेकिन यह यहां नहीं पहुंचे। शवों को जमीन से निकालने से पहले जांच एजेंसी को डीएम से इजाजत भी लेनी थी लेकिन यह भी नहीं हुआ। ऐसे में शवों के दोबारा पोस्टमार्टम पर असमंजस और बढ़ गया है।

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