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अब अनिल यादव के जुर्म की कुंडली खंगाल रही पुलिस

Sat, 17 Oct 2015 03:49 AM IST
Updated Sat, 17 Oct 2015 03:49 AM IST
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police investigating anil yadav's crime history

हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग अध्यक्ष पद से बर्खास्त किए गए शहर के कमला नगर निवासी अनिल यादव की हिस्ट्रीशीट पुलिस ने पहले भले ही छुपाकर रखी हो, लेकिन अब कहानी बदलने लगी है।

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उच्च न्यायालय का सख्त रवैया देख पुलिस ने अनिल यादव के गुनाहों की फेहरिस्त फिर से तैयार करना शुरू कर दिया है। उनके खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों की फाइलें खंगाली जा रही हैं। पूरी कार्रवाई गुपचुप चल रही है। अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को अफसरों ने अनिल यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी ली। यह भी मालूम किया कि हिस्ट्रीशीट कब और किसके आदेश से खोली गई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अनिल यादव के खिलाफ 1990 से पहले 17 केस दर्ज थे।
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इनमें जान से मारने की धमकी देना, मारपीट करना और बलवा जैसी धाराओं के मुकदमे थे। सबसे ज्यादा केस हरीपर्वत थाना में थे। इसी साल हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। लेकिन बाद में रिकार्ड गायब कर दिया गया। अनिल यादव के रसूख के चलते पुलिस ने हाईकोर्ट को भी पूरा ब्योरा नहीं भेजा था।

पुलिस को है हाईकोर्ट का डर

police investigating anil yadav's crime history

अब हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद माना जा रहा है कि पुलिस में डर है कि अगर किसी ने उच्च न्यायालय के सामने पुलिस की करतूत रख दी तो अफसरों के लिए जवाब देना आसान नहीं होगा।

हालांकि अधिकारी कुछ भी साफ तौर पर बताने से इंकार कर रहे हैं। लेकिन मालूम किया जा रहा है कि अनिल यादव के खिलाफ कब-कब कौन कौन सा केस दर्ज हुआ? इनकी जांच के बाद क्या कार्रवाई हुई? किसमें चार्जशीट लगी और किसमें फाइनल रिपोर्ट?

एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने पूछे जाने पर सिर्फ इतना कहा कि किसने कहा कि हिस्ट्रीशीट गायब की गई है? उनसे हिस्ट्रीशीट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी?

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