गोदौलिया बवाल के विवेचक बदले, आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बढ़ाई धारा
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अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान पांच अक्तूबर को यूपूी के वाराणसी में गोदौलिया पर हुए बवाल मामले के आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने शुक्रवार को एक और धारा लगा दी। इन पर पहले लगाई जा चुकी कई संगीन धाराओं के साथ ही अब धारा 336 भी बढ़ा दी गई है।
उतावलेपन में आकर मानव जीवन पर संकट उत्पन्न करने वाला कृत्य करने के आरोप में यह धारा लगाई गई है। पुलिस ने जिला जेल में बंद 43 आरोपियों को इस धारा के तहत अदालत में पेश कर उनका न्यायिक रिमांड बनवाया।
विधि विशेषज्ञों के मुताबिक धारा 336 लगने से आरोपियों को तीन महीने तक जेल में रहना पड़ सकता है। इस बीच, एसएसपी आकाश कुलहरि ने गोदौलिया बवाल मामले की विवेचना इंस्पेक्टर भेलूपुर एके ओझा से लेकर क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर एसके राय को दे दी है।
जल्द न हो जमानत, इसलिए विधिक परामर्श के बाद उठाया कदम
माना जा रहा है कि गंभीर धाराएं लगाने के बाद भी 17 आरोपियों को जमानत
मिलने के बाद से चिंतित पुलिस और प्रशासन ने अभियोजन से विधिक परामर्श के
बाद धारा 336 के तहत लगाने का यह निर्णय लिया।
बता दें कि अन्याय प्रतिकार
यात्रा के दौरान हुए बवाल के मामले में पुलिस ने 106 लोगों के खिलाफ नामजद
और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्या के प्रयास,
डकैती, बलवा समेत विभिन्न धाराएं लगाई गई थीं।
पुलिस इस मामले में कांग्रेस
विधायक अजय राय समेत अब तक 61 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अदालत इस
मामले में 17 लोगों को जमानत दे चुकी है।
क्या है धारा 336
आरोपियों को जमानत मिलने से आला अधिकारी चिंतित हैं। विधिक राय के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 336 का भी अभियोग पंजीकृत किया है।
क्या है धारा 336
बार-बार मना करने के बाद भी उतावलेपन से किया गया ऐसा कार्य, जिससे मानव जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाए।
गोदौलिया पर पांच अक्तूबर को हुए बवाल मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई से कांग्रेस, भाजपा, शिवसेना समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ता सहमे हैं।
निर्दोषों पर नहीं होगी कार्रवाई : एसएसपी
पुलिस की गिरफ्तारी के डर से कई नेता भूमिगत हैं तो कई नेता बचाव में
लखनऊ-दिल्ली तक की भागदौड़ में जुटे हैं। डीआईजी रेंज एसके भगत का कहना है
कि बवाल मामले में जितने भी आरोपी हैं, उन्हें चिह्नित कर लिया है।
किसी
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और किसी निर्दोष के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने
दी जाएगी। शहरवासी निश्चिंत रहकर त्योहार मनाएं। बेवजह पुलिस किसी के घर
दबिश नहीं देगी। किसी भी निर्दोष को परेशान होने नहीं दिया जाएगा।
शासन
के निर्देश पर डीआईजी एसके भगत शहर की सभी पूजा समितियों के सीधे संपर्क
में हैं। शुक्रवार को भी उन्होंने कई समितियों से संपर्क किया।
उन्होंने
बताया कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने-अपने
क्षेत्र के पूजा समितियों के संपर्क में रहे। उनकी परेशानियों को समझें और
उन्हें दूर करने का प्रयास करें।
पूजा समितियों के लोगों ने अगर उत्पीड़न
की शिकायत की तो दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। बताया कि
समितियों ने पुलिस और प्रशासन को सहयोग करने का वादा किया है।