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'भूरा को पकड़वाओ विधायक जी वरना जेल जाओगे'

Mon, 29 Dec 2014 02:14 PM IST
Updated Mon, 29 Dec 2014 02:14 PM IST
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Ultimatum to Delhi MLA  by Delhi Police to help arrest 'Bhura'

दस लाख के इनामी अमित सरनावली उर्फ भूरा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक और तरकीब आजमाई है। दिल्ली के एक विधायक को सख्त लहजे में चेतावनी दिया तो वह भूरा को पकड़वा दे, वरना खुद जेल जाने को तैयार हो जाएं। पुलिस को जानकारी मिली कि भूरा को छुड़ाकर ले जाने वाले अपराधियों ने विधायक के दफ्तर में दो बार मीटिंग की। इसमें विधायक का एक लाख का इनामी भांजा भी शामिल रहा। पुलिस ने विधायक के दफ्तर में रविवार को दबिश भी दी।

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पुलिस को 10 दिन पहले जानकारी मिली थी कि भूरा और विधायक का भांजा दिल्ली में साथ-साथ अपराध कर चुके हैं। यह भी मालूम चला पंद्रह दिसंबर की सुबह बागपत में भूरा को छुड़ाने में शामिल रहे दो बदमाशों से विधायक के भांजे का संपर्क है। इस जानकारी पर और काम किया तो पता चला कि अपराधी विधायक के दफ्तर में दो बार मिले।
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पुलिस सूत्रों ने बताया दिल्ली पुलिस ने इसी जानकारी को हथियार बनाकर विधायक के सामने दो शर्त रखी हैं। एक तो वह भूरा के बारे में ऐसी सटीक जानकारी दे,  ताकि उसे पकड़ा जा सके। दूसरा फरार अपने भांजे को गिरफ्तार करवाए। पुलिस सूत्रों ने बताया शुरू में पुलिस की बातों का विधायक पर कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद जब प्रिंस और सद्दाम पकड़े तो विधायक जी भी सीधे रास्ते पर आ गए।
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पुलिस दोनों बदमाशों को रिमांड पर लेकर भूरा को छुड़ाने की वारदात में विधायक की भूमिका के बारे में भी सवाल कर सकती है। इतना ही नहीं। बागपत और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार को विधायक के नांगलोई स्थित एक दफ्तर में दबिश दी। इससे विधायक के होश उड़ गए।

बागपत के एसपी ने की पुष्टि

बागपत के एसपी जितेंद्र शाही ने इस बात की पुष्टि की कि दिल्ली में विधायक के दफ्तर में दबिश दी, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया अभी तक विधायक के भांजे का नाम लिखा पढ़ी में नहीं आया है। उन्होंने बताया विधायक के दफ्तर में भूरा को छुड़ाने वाले अपराधियों की मीटिंग होने की जानकारी मिली है।

सचिन और रोबिन के पास हैं दोनों एके - 47

Ultimatum to Delhi MLA  by Delhi Police to help arrest 'Bhura'

दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर पुलिस कस्टडी से छुड़ाए अमित सरनावली उर्फ भूरा तक पहुंचना पुलिस के लिए अभी भी मुश्किल बना हुआ है। इतनी तक सही जानकारी नहीं है कि वह देश में ही छुपा है, या नेपाल भाग गया। इस बीच इतना जरूर हुआ है कि दिल्ली में गिरफ्तार दो बदमाशों ने दो ऐसे नाम बताए हैं, जिनके पकड़े जाने पर असलाह की बरामदगी हो सकती है। पुलिस की दो टीमें रात दिन इसी प्रयास में लगी है कैसे भी असलाह मिल जाए।

ये नाम हैं सचिन उर्फ मोनू और रोबिन। दोनों भाई बागपत के हलालपुर गांव के हैं। भूरा की फरारी में सबसे मुख्य भूमिका मोनू खोखर की ही मानी जा रही है। वह उस स्कॉर्पियो को चला रहा था, जिसमें सवार बदमाशों ने भूरा को छुड़ाया था। पुलिस सूत्रों ने बताया भूरा जब मुरथल की तरफ गया तो सचिन और रोबिन को अपने साथ ले गया था। दिल्ली में पकड़े प्रिंस और सद्दाम ने पूछताछ में यह भी बताया  बागपत से हरियाणा बार्डर तक के रास्ते में भूरा ने रास्ते में यही कहा था कि वह असलाह मोनू और रोबिन को दे देगा। उसने यह शर्त रखी थी कि किसी भी सूरत में एके-47 पुलिस को नहीं देनी है।

वह खुद असलाह लेकर भागने के मूड में नहीं था। हालांकि प्रिंस और सद्दाम ने यह भी कहा  उन्हें यह जानकारी नहीं है बाद में भूरा ने ऐसा ही किया या प्लान बदल दिया। वह सचिन और रोबिन के साथ मुरथल की ओर गया था, जबकि बाकी बदमाश दिल्ली की ओर गए थे। उधर, इस जानकारी के बाद पुलिस की पूरी कोशिश किसी भी तरह सचिन और रोबिन तक पहुंचने की। इसके अलावा एक उपाय यह भी चल रहा है दोनों के रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर उन पर इतना दबाव बनाया जाए वे एके-47 लौटा दें।

एसपी आवास पर चली मीटिंग
सचिन और रोबिन को पकड़ने के लिए एसपी आवास पर पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इसमें वे सभी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे, जो भूरा को पकड़ने में लगे हैं। इसके बाद सभी अधिकारी दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

भूरा के गुर्गों ने जेल में नंबरदार को पीटा

Ultimatum to Delhi MLA  by Delhi Police to help arrest 'Bhura'

छात्र नेता की हत्या के मामले में मुरादाबाद जिला जेल में बंद डिलारी के ब्लाक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा के गुर्गों ने रविवार को एक कनविक्ट ओवरसियर (नंबरदार) की पिटाई कर दी। नंबरदार ने भूरा के गुर्गों द्वारा बिछाई गई दरी को हटाने की कोशिश की थी। इसके बाद जेलर के कार्यालय में भी दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। भूरा पक्ष के आदमी पर जेलर के सामने हाथ उठाने की कोशिश करने पर एक नंबरदार से वर्दी छीनकर उसे बैरक में डाल दिया गया है। मामला भूरा के करीबियों से जुड़ा है इसलिए एहतियातन जेल में चौकसी बढ़ा दी गई है।

यूं तो जेल में मौजूदा वक्त में 2750 से ज्यादा बंदी हैं लेकिन जेल प्रशासन का विशेष ध्यान हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक उस्मान उल हक और छात्र नेता की हत्या में विचाराधीन डिलारी ब्लाक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा पर रहता है। उस्मान के लिए जेल अफसरों ने पूरी बैरक (बैरक नंबर चार) खाली कराकर दे दी है तो भूरा की भी सलाखों में पूरी हनक चलती है। उस्मान और भूरा दोनों के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। उस्मान का मुखालिफ मौअज्जम गुट जेल में भूरा की ही सरपरस्ती में है। ऐसे में दोनों गुटों को बैलेंस करना जेल प्रशासन के लिए भी चुनौती है।

रविवार को भूरा के करीबियों ने जेल में एक बड़े हिस्से में दरिया बिछाकर अपना कब्जा जमा रखा था। एक नंबरदार ने दूसरे पक्ष के उकसावे पर इस दरी को हटवाने की गुस्ताखी कर दी। रिएक्शन में भूरा के गुर्गों ने उसे जेल में दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसके बाद जेलर के कमरे में मीटिंग हुई तो नंबरदार भूरा के आदमी से उलझ गया। लेकिन भूरा की नाराजगी देखते हुए इस नंबरदार से तुरंत कनविक्ट ओवरसियर का तमगा छीनकर उसे सामान्य बंदी बना दिया गया। जेल अधिकारी मामले में कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं।

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