सिपाही ने तोड़ दी नेशनल शूटर की उंगलियां
हल्दौर पुलिस की बर्बरता के चलते एक नेशनल शूटर का करियर दांव पर लग गया है। बाइक के कागज चेकिंग के नाम पर हल्दौर थाने में तैनात एक कांस्टेबिल ने एक नेशनल शूटर को रोक कर उसकी जेब से तीन हजार रुपये जबरन निकाल लिए।
विरोध करने पर शूटर के साथ मारपीट करते हुए उसकी उंगलियां तोड़ डालीं। पुलिस की मारपीट का शिकार हुआ युवा शूटर सात अक्तूबर को दिल्ली में होने वाली ऑल इंडिया नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएगा। उसके परिजनों ने एसपी से शिकायत कर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हल्दौर के गांव सुल्तानपुर निवासी सत्यपाल नागर का बेटा दिव्यांशु बिजनौर में डीडीपीएस में कक्षा 12 का छात्र है। वह नेशनल लेवल का शूटर है और स्टेट व नेशनल लेवल की अनेक शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पुरस्कार जीत चुका है।
29 सितंबर को दिव्यांशु की दादी की तबियत खराब थी। वह बिजनौर से अपनी पिता से तीन हजार रुपये लेकर दादी को दवाई दिलाने बाइक से अपने गांव जा रहा था।
नशे में धुत था सिपाही
दिव्यांशु के मुताबिक शाम करीब साढ़े सात बजे हल्दौर फाटक के पास हल्दौर थाने में तैनात सिपाही पदम सिंह ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया।
पदम सिंह ने बाइक के कागज मांगे तो उसने दिखा दिए। दिव्यांशु के मुताबिक नशे में धुत पदम सिंह ने उसे चोर उचक्का बताते हुए तलाशी लेने के नाम पर उसकी जेब में रखे तीन हजार रुपये निकाल लिए।
जब उसने विरोध किया तो पदम सिंह ने उसके साथ डंडे से मारपीट की। जिससे उसके दाएं हाथ के अंगूठे व उंगली में गंभीर चोटें आई हैं। सात अक्तूबर को उसे दिल्ली में होने वाले नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लेना था।
हाथ में आई गंभीर चोट के कारण वह अब प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाएगा। उसकी परीक्षा भी चल रही है। चोट के कारण वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएगा। उसके मुताबिक अगर चोट ज्यादा गंभीर हुई तो उसका करियर भी खतरे में पड़ सकता है।