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पुलिस का दावा, आसाराम की न कोई सीडी, न क्लिप
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
Updated Fri, 06 Sep 2013 09:09 PM IST
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नाबालिग से रेप के आरोपों से घिरे आसाराम बापू से संबंधित सीडी और आपत्तिजनक क्लिप की बात को जोधपुर पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
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पुलिस ने कहा है कि उनके पास अब तक न तो आसाराम को लेकर कोई सीडी है और न ही विवादित मोबाइल क्लिप। इन बातों से लग रहा है कि अभी भी जोधपुर पुलिस को इस मामले में आसाराम के खिलाफ किसी आपत्तिजनक मजबूत तथ्य की तलाश है।
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पुलिस ने एक और खुलासा करते हुए कहा कि अनुष्ठान से इलाज के बहाने आसाराम के पास पीड़िता को भेजनेवाली छिंदवाड़ा गुरुकुल की वार्डन शिल्पी लापता नहीं है, बल्कि पुलिस की रडार में हैं। पुलिस शिल्पी की लोकेशन जाहिर करने से बच रही हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वह महाराष्ट्र में छिपी बैठी है।
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अहमदाबाद में डेरा डाले है पुलिस
जोधपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जार्ज जोसफ ने अमर उजाला को बताया कि जिस क्लिप की बातें हो रही हैं, वह आसाराम के एक सार्वजनिक कार्यक्रम की है, जिसमें गड़बड़ी जैसी कोई बात नहीं है।
पुलिस की पूछताछ और तथ्यों को जुटाने व उनकी जांच करने की प्रक्रिया अभी जारी है। एक पुलिस टीम ने आसाराम के अहमदाबाद आश्रम पर डेरा डाला हुआ है, जो मिल रही विभिन्न जानकारियों की सच्चाई जानने के लिए वहां जांच में जुटी है।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी आसाराम और उनका प्रमुख सेवक शिवा ही अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं। इस कारण फिलहाल शिल्पी की जरूरत नहीं है।
शिल्पी जहां भी है, पुलिस की नजर उस पर बनी हुई है तथा जब उसकी जरूरत महसूस होगी उसे गिरफ्तार कर जोधपुर लाया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि मामले में नामजद छिंदवाड़ा गुरुकुल के कर्मचारी शरद का नाम पूछताछ में भी सामने आया है, जिसे पुलिस जरूरत पडऩे पर गिरफ्तार करेगी।
पुलिस को आसाराम के एक और नजदीकी सेवक प्रकाश की भी तलाश है, जो घटना के समय आसाराम के फोन कॉल अटेंड कर रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि मामले को मजबूत बनाने के लिए प्रकाश से भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
वकीलों से नाराज हैं आसराम
शानोशौकत का जीवन जीने वाले आसाराम की जिंदगी एक बैरक में कैद हो गई है, जिसकी खीज वे अपने वकीलों पर निकाल रहे हैं। जोधपुर सेट्रल जेल में जब भी उनके वकील उनसे मिलने जा रहे हैं, उन्हें आसाराम के गुस्से का शिकार होना पड़ा रहा है।
जेल सूत्रों ने बताया कि जब से आसाराम की जमानत अर्जी खारिज हुई है, तब से वे काफी चिड़चिड़े हो गए हैं।
निचली अदालत से जमानत दिलवा पाने में अब तक विफल रहे वकीलों को आसाराम की फटकार झेलनी पड़ रही है। आसाराम रोजाना अल सुबह उठकर जाप कर रहे हैं और इसके बाद वे अखबार पढ़ते हैं।
सूत्रों ने बताया कि अखबार की खबरों से भी वे विचलित हो जाते हैं और यह उनके चेहरे पर साफ देखा जा सकता है। वे अखबार पढ़ते हुए गुस्से में बड़बड़ाने भी लग जाते हैं।
अभी जेल में ही रहेंगे
आसाराम को अभी कुछ और दिन जेल की रोटी खानी पड़ेगी। जेल में सुविधाएं देने की अर्जी पर जोधपुर की निचली अदालत में सुनवाई अब 10 सितम्बर को होगी।
आसाराम की ओर से वकील ने अदालत को कहा कि आसाराम को तीन बीमारियां हैं, जिसके कारण 14 सालों से वे विभिन्न दवाओं मिला विशेष भोजन करते आए हैं। लेकिन जेल में उन्हें इस खाने से वंचित रखा जा रहा है।
वकील ने निहायत ही व्यक्तिगत मामला बताते हुए उनकी बीमारियों का खुलासा नहीं किया। वकील ने अदालत से मांग की कि उनकी तबीयत को दुरुस्त रखने के लिए जेल में इस खाने को पहुंचाने की इजाजद दे दी जाए।
आदालत ने कहा कि आसाराम की पूरी जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर रिपोर्ट पेश की जाए। अदालत रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाएगी।
महिला वैद्य की मांग का पत्र किसका?
आसाराम के वकीलों ने दावा किया कि जेल में आयुर्वेदिक महिला वैद्य की मांग संबंधी पत्र आसाराम की ओर से जारी नहीं किया गया। उन्होंने इस पत्र की जांच की मांग की।
वकीलों का तर्क था कि जब मामले की सुनवाई चल रही है, तो कोई भी पत्र उनके (वकीलों) द्वारा ही लगाया जा सकता है।
आसाराम ने इस संबंध में न कोई चर्चा की और न ही वकीलों से ऐसी व्यवस्था लागू करने के प्रयास करने के लिए कहा। जानकारी मिल रही थी कि आसाराम ने जेल से अदालत को पत्र लिखा है कि उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने को दो घंटे के लिए एक ऐसी वैद्य की व्यवस्था की जाए।
सोमवार को जा सकते हैं हाईकोर्ट
निचली अदालत से जमानत लेने में विफल रहे आसाराम की ओर से अब सोमवार को उच्च न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल करने की पूरी सम्भावना है।
आसाराम के वकील जगमाल चौधरी ने बताया कि शुक्रवार को आसाराम की जमानत अर्जी उच्च न्यायालय में नहीं लगाई गई। उनके अनुसार पूरा प्रयास किया जाएगा कि आसाराम की जमानत अर्जी सोमवार को उच्च न्यायालय में लगाई जा सके।