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पकड़े गए शेषनाग की प्रतिमा चोरी करने वाले चोर

Fri, 19 Feb 2016 09:24 AM IST
Updated Fri, 19 Feb 2016 09:24 AM IST
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police caught thief who stolen sheshnag statue

मथुरा के वृंदावन के निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर से 16 फरवरी की रात में चोरी हुई चांदी निर्मित दो अनंत शेषनाग की प्रतिमाएं पुलिस ने बरामद कर ली हैं। ये प्रतिमाएं राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हाथों स्थापित की गई थीं। पुलिस ने चोरी के आरोप में तीन मजदूर और सुरक्षा सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सुपरवाइजर ने प्रतिमाएं चोरी कराई थीं।

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16 नवंबर 2014 को वृंदावन में चंद्रोदय मंदिर के स्थापना समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आए थे। उन्होंने यहां चांदी की150-150 ग्राम वजन की दो अनंत शेषनाग की प्रतिमाएं निर्माण स्थल के पिलर के स्थान पर स्थापित की थीं। 16 फरवरी 2016 की रात को पिलर गिराकर उन प्रतिमाओं को चोरी कर लिया गया। मामले में बलभद्र कृपादास कर्नल वीपी शाही ने वृंदावन कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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एसएसपी डा. राकेश सिंह ने बताया कि एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और सीओ सदर आरके गौतम के नेतृत्व में 18 लोगों से पूछताछ की गई। सुरक्षा सुपरवाइजर विनय से पूछताछ के बाद पूरा मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार विनय ने मजदूर तोता, महेश और हरस्वरूप के नाम लिए। इन लोगों ने चोरी की बात कबूल की। इनकी निशानदेही पर दोनों प्रतिमा दीवार के पीछे झाड़ियों से बरामद कर ली गईं।
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एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा सुपरवाइजर ने ही तीनों मजदूरों को पिलर के नींचे सोने के शेषनाग दबे होने की जानकारी दी थी और चोरी के दौरान खुद सुरक्षा में तैनात रहा। मामले के खुलासे पर एसएसपी ने टीम को 5000 और डीआईजी की ओर से 10000 रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।

गीली मिट्टी में थे पैरों के निशान

police caught thief who stolen sheshnag statue

चंद्रोदय मंदिर के निर्माण के लिए धरातल से 60 फुट गहराई पर पिलर को चिनाई कर लगाया जा रहा है। नीचे मिट्टी गीली होने से चोरों के पैरों के निशान मिट्टी पर छप गए। इसे पुलिस ने आवागमन के लिए रोक दिया।

पुलिस की फील्ड यूनिट ने पैरों के  नमूने लिए और सभी मजदूरों के पैरों का मापन कराया। इसमें 18 मजदूरों के पैरों के साइज एक तरह के मिले। फिर रात भर एक-एक मजदूर से पूछताछ की गई तो एक मजदूर टूट गया और उसने चांदी के शेषनाग की प्रतिमा चोरी करना स्वीकार किया।

सुपरवाइजर के सामने हुई थी स्थापना
नई दिल्ली की ग्रुप फोर सिक्योरिटी कंपनी का सुपरवाइजर विनय डेढ़ साल से चंद्रोदय मंदिर पर सुरक्षा में तैनात था। मंदिर स्थापना में आए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम में भी विनय बतौर सुरक्षा सुपरवाइजर तैनात था। उसे शेषनाग की प्रतिमा जमीन में दबाए जाने वाले स्थल की जानकारी थी। मजदूर तो तीन माह पहले ही काम पर आए थे।

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