फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   police caught smugglers and found 135 tortoise

सेक्स पॉवर बढ़ाने की दवा बनाने के लिए ले जा रहे थे 135 कछुए, पुलिस ने पकड़ा

Mon, 10 Aug 2015 09:13 AM IST
Updated Mon, 10 Aug 2015 09:13 AM IST
विज्ञापन
police caught smugglers and found 135 tortoise

निघासन से पलिया आ रही बस से वन विभाग ने दो बोरियों और एक बैग में ले जाए जा रहे 135 कछुए बरामद किए। इन्हें ले जाने वाली एक महिला और युवक को गिरफ्तार कर लिया गया, वन अधिनियम के तहत उनका चालान किया गया है।

विज्ञापन


रविवार की सुबह वनक्षेत्राधिकारी राधेश्याम को मुखबिर से सूचना मिली कि महिला समेत दो लोग निघासन से बस में कछुए लेकर पलिया जा रहे हैं। इस पर वन विभाग सतर्क हो गया और वन चौकी के पास घेराबंदी कर दी गई। बस को रोककर चेक किया गया तो दो बोरी और एक बैग से जिंदा कछुए बरामद हुए। गिनती की गई तो इनकी संख्या 135 निकली।
विज्ञापन


वन विभाग ने 18 वर्षीय युवक और एक महिला को पकड़ लिया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम मिथुन पुत्र महेश और महिला ने राजकुमारी पत्नी प्यारे बताया, वे थाना निघासन क्षेत्र के गांव खैराहनी के रहने वाले हैं। वन दरोगा के मुताबिक ये कछुए मैलानी पहुंचाए जाने थे, जहां से एक व्यक्ति इन्हें आगे ले जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

कछुओं की मांग काफी बढ़ी

police caught smugglers and found 135 tortoise

कछुओं का इस्तेमाल सेक्स पॉवर बढ़ाने वाली दवाएं बनाने में किया जाता है। जिसके चलते कछुओं की मांग काफी बढ़ी है और महानगरों में कछुओं की तस्करी का पूरा नेटवर्क चलाया जाता है। विशेषकर कोलकाता में इनकी बिक्री काफी ऊंचे दामों पर होती है। नीम-हकीम, कछुओं को तस्करों से खरीदते हैं फिर वे मुंह मांगे दामों पर दवा बनाकर रोगियों को बेच देते हैं।

तराई में तालाबों, पोखरों की संख्या अधिक है और यहां नदियां भी हैं जिनमें कछुओं की तादाद काफी है। तस्करों ने इस गोरखधंधे को कामयाब और सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय लोगों को काम पर लगाया है जो कछुओं को तलाश कर एकत्र करते हैं और फिर उन्हें तस्करों द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंचा देते हैं। जंगलों से भी बड़े पैमाने पर कछुए निकाले जाने की खबरें अक्सर मिला करती हैं। तराई में तस्करों के इस मकड़जाल में फंसकर तस्करी करने वालों की तादाद दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।

कछुए के मांस को अलग किया जाता है फिर उसे सुखाया जाता है। सुखाने के बाद मांस की बिक्री होती है और फिर उससे दवा तैयार की जाती है। बताते हैं कि करीब दस किलो के कछुए में आधा किलो सूखा मांस निकलता है जिसकी कीमत एक हजार रुपये प्रति किग्रा होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed