मथुराः खूनी गैंगवार में बड़ा खुलासा, सिपाही गिरफ्तार
मथुरा जेल में दो दिन पहले हुई खूनी गैंगवार के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात की साजिश जेल में ही तैनात सिपाही ने बृजेश मावी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर रची थी। जिसमें जेल के अंदर ही कुख्यात राजेश टोंटा और उसके साथियों पर गोलियों बरसाई गईं।
वहीं मामले में संतोष नाम के एक सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है। संतोष हाइवे पर टोंटा की हत्या के दौरान एंबुलेंस में मौजूद था। लापरवाही और बुजदिली के आरोप में उसे बर्खास्त कर दिया गया है।
दूसरी ओर सिपाही कैलाश गुप्ता ने वारदात में बड़ी भूमिका निभाई। उसी ने जेल में बंद मावी के गुर्गों को हथियार मुहैया कराए थे। फायरिंग में घायल हुए राजेश टोंटा ने मरने से पहले इस बात का आरोप भी लगाया था कि यह साजिश जेल के लोगों ने ही रची है।
पुलिस ने मामले में सिपाही कैलाश गुप्ता के साथ ही मावी के गुर्गे गोपाल यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गत 13 सितंबर को राजेश टोंटा ने हाथरस में भाजपा नेता प्रमोद चौधरी के साथ ही बृजेश मावी और गोपाल यादव को बंधक बना लिया था। इस दौरान बृजेश मावी की हत्या कर दी गई थी जबकि इन दोनों को छोड़ दिया गया था।
मावी गैंग के संपर्क में रहा है सिपाही कैलाश गुप्ता
पुलिस के अनुसार मथुरा जेल में राजेश टोंटा की हत्या की साजिश जेल के अंदर ही रची गई थी। जिसमें बृजेश मावी गैंग के सदस्यों के अलावा जेल का सिपाही कैलाश गुप्ता शामिल रहा। शुरूआती जांच के अनुसार कैलाश गुप्ता ने ही जेल के अंदर मावी गैंग के सदस्यों को हथियार मुहैया कराए थे।
सूत्रों के अनुसार इसके लिए उसे मोटी रकम दी गई थी। गोपाल यादव बृजेश मावी गैंग का प्रमुख सदस्य है। बताया जा रहा है कि राजेश टोंटा पर एंबुलेंस में फायरिंग में भी उसका हाथ शामिल रहा है। डीजी जेल और डीआईजी की जांच में शुरूआत से ही जेल प्रशासन पर उंगलियां उठती रही हैं।
वहीं दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार वारदात की साजिश गोपाल यादव और गैंग के गुर्गों ने लंबे समय से रच रखी थी। जिसे मौका मिलते ही अंजाम दे दिया गया।
हाइवे पर एंबुलेंस रोककर की गई टोंटा की हत्या
बाद में उपचार के लिए आगरा ले जाते समय हाइवे पर एबुलेंस रोककर राजेश टोंटा की हत्या कर दी गई थी। हत्या का शक शुरू से ही बृजेश मावी गैंग पर जताया जा रहा है।
बृजेश मावी की भी गत सितंबर में हत्या कर दी गई थी, इसी मामले में राजेश टोंटा अपने साथियों सहित जेल में बंद था। इसके बाद से ही मावी गैंग राजेश टोंटा पर पलटवार करने की फिराक में था।
सूत्रों के अनुसार गैंग के सदस्य काफी समय से टोंटा को ठिकाने लगाने की फिराक में था, इसके लिए बकायदा जेल में जाकर रेकी भी की गई थी। इसके लिए आरोपी सिपाही ने मदद मुहैया कराई। उसी के द्वारा जेल में पहुंचाए गए हथियारों से वारदात को अंजाम दिया गया।