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जेएनयूः पुलिस ने कन्हैया से पूछे क्या-क्या सवाल

Tue, 23 Feb 2016 07:15 PM IST
Updated Tue, 23 Feb 2016 07:15 PM IST
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police asked manny question to kanhaiya

जेएनयू में देश विरोधी गतिविधि और देशद्रोह के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका पर मंगलवार को भी फैसला नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने हाइकोर्ट में उनकी जमानत का विरोध किया।

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पुलिस लगातार उनसे पूछताछ करके जेएनयू मुद्दे पर और जानकारी जुटाना चाहती है। कन्हैया से ही पुलिस यह जानने की कोशिश में है कि जिन छात्रों ने जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी की थी वो कौन थे। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पुलिस अपनी कस्टडी में कन्हैया से कैसे कैसे सवाल पूछ रही है। आइए जानते हैं उसका ही एक नमूना।
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पुलिसः तुम अपने साथी और सह आरोपियों उमर खालिद, आशुतोष, अपराजिता राजा, अनंत प्रकाश और अनिर्बन भट्टाचार्या को पकड़ने में हमारी किस तरह से मदद कर सकते हो।
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कन्हैयाः इनमें से ज्यादा छात्र जेएनयू के ही हैं और कैंपस में ही रहते हैं। मुझे उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस ग्रुप में अपराजिता ही किसी पार्टी से जुड़ी है। मैं उसे अच्छी तरह जानता हूं। उमर खालिद, आशुतोष प्रकाश जेएनयू के ही छात्र हैं और कैंपस में रहते हैं बाकी लोगों के बारे में मैं नहीं जानता।
(अपराजिता माकपा के वरिष्ठ नेता डी राजा की बेटी हैं)

पुलिसः क्या तुम हमारे साथ मिलकर उन आरोपियों को ढूंढवा सकते हो या नहीं। नहीं तो क्यों नहीं?
कन्हैयाः वे जेएनयू के ही छात्र हैं और अलग अलग हॉस्टल में रहते हैं। इससे ज्यादा मुझे उनकी कोई जानकारी नहीं है।

पुलिस ने पूछे आरोपी छात्रों के नाम

police asked manny question to kanhaiya

पुलिसः जिन लोगों के नाम ऊपर दिए गए हैं उन्हें कहां तलाश किया जा सकता है।
कन्हैयाः वे जेएनयू से ही हैं जैसे उमर, अपराजिता, आशुतोष और अनंत। मुझे यकीन है उन्हें केवल जेएनयू कैंपस में ही ढूंढा जा सकता है।

पुलिसः क्या तुम कभी जम्‍मू कश्‍मीर और पाकिस्तान गए हो, अगर हां तो क्यों?
कन्हैयाः मैं 2011-2012 में एक बार एक सेमिनार अटैंड करने के लिए श्रीनगर विश्वविद्यालय में गया था। पाकिस्तान कभी नहीं गया।

पुलिसः तुम किस राजनीतिक दल के साथ जुड़े हो और किस पद पर हो।
कन्हैयाः मैं द आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के साथ जुड़ा हूं। ईकाई सचिव के पद पर हूं और राज्य स्तरीय सदस्य भी हूं। वर्तमान में जेएनयू छात्रसंघ का अध्यक्ष भी हूं।

पुलिसः तुम्हारे दोस्त और सहयोगी कौन हैं तुम्हारी पार्टी के सदस्यों का क्या नाम है।
कन्हैयाः विश्वजीत कुमार, वलीउल्लाह कादरी, अपराजिता राजा, अरुण।

पुलिसः 9 फरवरी को तुम्हारी और तुम्हारी पार्टी की तरफ से दोपहर 3 से शाम 8.30 तक जेएनयू में क्या कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कन्हैयाः मेरी और मरी पार्टी की ओर से 9 फरवरी को कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया और हमने किसी कार्यक्रम का समर्थन नहीं किया।

पुलिसः सांस्कृतिक संध्या के दौरान तुम्हारी ओर से जो पोस्टर दिखाए गए थे उनमें अनिर्बान और उमर खालिद का नाम था, क्या वो जेएनयू के स्टूडेंट हैं या नहीं।
कन्हैयाः उनमें से कोई भी मेरी पार्टी से नहीं था, हां वे जेएनयू छात्र जरूर हैं।

कन्हैया ने नकारी देश विरोधी गति‌विधियों की बात

police asked manny question to kanhaiya

पुलिसः वीडियो फुटेज के अनुसार 9 फरवरी को आप उमर खालिद के साथ दिखाई दे रहे हैं। जिसमें आशुतोष, अपराजिता राजा, अनंत प्रकाश और अनिर्बन भट्टाचार्य भी हैं। इनमें से कौन तुम्हारी पार्टी से है।
कन्हैयाः केवल अपराजिता राजा मेरी पार्टी एआईएसएफ से हैं।

पुलिसः क्या तुमने असवैंधानिक कार्य और देशद्रोही नारेबाजी करने वाले छात्रों को रोकने का कोई प्रयास किया।
कन्हैयाः मैं उस समय मौके पर मौजूद नहीं था। साबरमती ढाबे पर जो कार्यक्रम हुआ मैं उसका हिस्सा नहीं था। लेकिन छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते मैंने वहां छात्रों के झगड़े और आपसी विवाद को रोकने का प्रयास किया। मैंने सुरक्षाकर्मियों से भी झगड़ा रुकवाने की अपील की थी। और छात्रों से भी अपील की थी कि वो आपस में न झगड़ें।

पुलिसः क्या तुमने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते तुमने इस संबंध में पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया था। या इसे नजरअंदाज कर दिया।
कन्हैयाः जब मैं मौके पर पहुंचा पुलिस पहले से ही साबरमती और गंगा ढाबे पर मौजूद थी।

पुलिसः क्या तुमने जेएनयू प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों को इन देश विरोधी गति‌विधियों के लिए सूचित किया।
कन्हैयाः मैं इस सारे वाक्ये के बारे में जागरूक नहीं था।

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