फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   poet kailash vajpayee died

जाने-माने साहित्यकार कैलाश वाजपेयी का निधन

Wed, 01 Apr 2015 11:06 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Apr 2015 11:06 AM IST
विज्ञापन
poet kailash vajpayee died

जाने-माने साहित्यकार कैलाश वाजपेयी का हृदयगति रुकने के कारण निधन हो गया है। उन्हें साहित्य अकादमी सहित कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है। वाजपेयी 81 वर्ष के थे।

विज्ञापन


लखनऊ विश्वविद्यालय से पीएचडी करने के बाद उन्होंने अध्यापन से करियर आंरभ किया। दिल्ली विश्वविद्यालय समेत कई विदेशी संस्थानों में भी उन्हें अध्यापन किया। भारतीय संस्कृति के मर्मज्ञ और कवि के रूप में उनकी ख्याति अधिक थी।
विज्ञापन


दिल्ली दूरदर्शन के लिए उन्होंने कबीर, हरिदास स्वामी, सूरदास, जे कृष्णामूर्ति, रामकृष्ण परमहंस और बुद्ध के जीवन-दर्शन पर फिल्में बनाईं। वह दूरदर्शन की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


वाजपेयी की प्रमुख कृतियों में संक्रान्त, देहांत से हटकर, तीसरा अंधेरा, महास्वप्न का मध्यांतर, प्रतिनिधि कविताएं, सूफीनामा, भविष्य घट रहा है, हवा में हस्ताक्षर, शब्द संसार, अनहट शामिल हैं। विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाटक 'युवा संन्यासी' और प्रबंध काव्य 'पृथ्वी का कृष्णपक्ष' भी उनकी महत्वपूर्ण रचनाएं हैं।


उन्हें 1995 में हिंदी अकादमी सम्मान, 2002 में व्यास सम्मान दिया गया। 2009 में वे कविता संग्रह 'हवा में हस्ताक्षर' के लिए साहित्य अकदमी से सम्मानित किए गए। कैलाश वाजपेयी अमर उजाला के लिए कॉलम भी लिखते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed