मंत्रियों के निजी सचिवों की नियुक्ति अटकी
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत आठ मंत्रियों के निजी सचिवों की नियुक्ति अटक गई है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने उनकी नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगा दी है।
माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों पर रोक कार्मिक विभाग के एक आदेश के बाद लगी है।
जिसमें कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति मामलों की समिति को मंत्रियों के निजी सचिवों और विशेष ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों समेत निजी स्टाफ की नियुक्ति को मंजूरी देनी चाहिए।
कार्मिक विभाग ने जारी किया सर्कुलर
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने 26 मई को सभी सचिवों को इस बारे में सर्कुलर भेजा है।
जिसमें कहा गया है कि सभी मंत्रालयों और विभागों को सलाह दी जाती है कि मंत्रियों के निजी स्टाफ में विशेष कार्य पर तैनात अधिकारियों समेत सभी नियुक्तियों में मौजूदा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करें।
आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले ही अपने मंत्रियों से कहा था कि वो यूपीए सरकार के मंत्रियों के साथ रहे निजी सचिवों और अपने रिश्तेदारों को निजी स्टाफ में नहीं रखें।
राजनाथ सिंह के निजी सचिव पर पेंच
वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह के मामले में 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक सिंह का नाम उनके निजी सचिव के लिए प्रस्तावित था। जो पिछली सरकार में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ काम कर चुके हैं। 47 वर्षीय आलोक सिंह का कार्यकाल अगले साल 14 फरवरी तक है।
इसके अलावा गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के निजी सचिव अभिनव कुमार और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह के निजी सचिव राजेश कुमार की नियुक्ति का मामला भी लटक गया है। अभिनव पहले की सरकार के मंत्री शशि थरूर और राजेश पूर्व कैबिनेट मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच के निजी सचिव रह चुके हैं।