मोदी की मुहर, अब खुद अटेस्ट कीजिए प्रमाण-पत्र
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आम आदमी को परेशानियों से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रमाणपत्रों को स्वयं सत्यापित करने की व्यवस्था लागू करने की पहल की है और कहा है कि शपथ-पत्रों का कम से कम इस्तेमाल हो।
एक बेहद अहम पहल के तौर पर प्रधानमंत्री की ओर से केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों समेत राज्यों के तमाम विभागों को ऐसी व्यवस्था करने के लिए कहा है, जिसमें दस्तावेजों के स्वयं-सत्यापन (सेल्फ सर्टिफिकेशन) का नियम लागू हो सके।
पीएमओ के बयान में कहा गया है कि अब दस्तावेजों पर राजपत्रित (गैजेडेट) अधिकारियों के सत्यापन को हटा कर नागरिकों की ओर से स्वयं सत्यापन की व्यवस्था को लागू करने की जरूरत है। सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के तहत जरूरत पड़ने पर मूल दस्तावेजों को आखिर में पेश करना होता है।
नई व्यवस्था से होगी लोगों को सहूलियत
प्रधानमंत्री ने इस साल 4 जून को केंद्र सरकार के सभी सचिवों के साथ बैठक के दौरान सार्वजनिक सेवाओं में डिलीवरी सिस्टम और गवर्नेंस में खामियों को पाटने पर जोर दिया था। इसी के तहत दस्तावेजों के स्वयं सत्यापन का फैसला लिया गया है।
इस संबंध में पीएमओ के बयान में कहा गया है कि नई व्यवस्था से लोगों को काफी सहूलियत होगी क्योंकि अब कानून की ओर से मांगे जाने वाले शपथ-पत्रों की व्यवस्था तुरंत खत्म हो जाएगी।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग ने केंद्र के सभी सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को भेजे संदेश में कहा है कि इस व्यवस्था से न सिर्फ गरीबों का पैसा बचेगा बल्कि नागरिकों और कर्मचारियों को भी सुविधा होगी।