सात समंदर पार पहुंचे मोदी के गांव के किस्से, देखने आए विदेशी
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भारत के गांवों में रहन-सहन और यहां की संस्कृति को नजदीक से जानने-समझने की जिज्ञासा के साथ इटली के टोरीनो शहर से आए छात्रों और उद्यमियों का दल मंगलवार को जयापुर गांव पहुंचा।
विदेशी मेहमान गांव के लोगों से मिले। उनके बात की और पूछा कि आखिर एक साल में गांव में ऐसा क्या हुआ जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा है। दल में ज्यादातर महिलाएं थी, लिहाजा उनकी दिलचस्पी गांव की महिलाओं में ज्यादा रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्श गांव जयापुर की मुसहर बस्ती ‘अटल नगर’ सबके आकर्षण का केंद्र रहा। अटल नगर के बाशिंदों से मुलाकात करने के साथ ही इटैलियन दल ने फोटो सेशन कराया और हैंडपंप चलाकर बागवानी भी की। साथ ही मुसहर परिवार से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से पौधों को पानी दें ताकि उनकी हरियाली बरकरार रहे।
दल ने कन्या विद्यालय और नंद घर (आंगनबाड़ी केंद्र) भी देखा और गांव के प्रधान प्रतिनिधि नारायण पटेल से गांव के इतिहास, यहां महिला सशक्तिकरण के लिए चल रहे कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी ली। विदेशी मेहमान यह जानने को ज्यादा इच्छुक थे कि भारतीय प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन की यहां क्या प्रगति है।
जयापुर पहुंचा इटली का दल
पर्यटन से जुड़ी संस्था ‘इंडो इटैलियन’ की पहल पर इटली से आए दल के अगुवा टीबर स्पानो कहते हैं, 'हम साल में एक दफा भारत आते हैं। भारत की संस्कृति, खासकर गंवई संस्कृति हमें आकर्षित करती है। इस देश के बारे में हमने किताबों में जो पढ़ा है, वास्तविकता उससे और बेहतर है। लोग आज भी ईमानदार और मेहनती हैं। दूसरों की मदद को तत्पर रहते हैं।'
दल में शामिल वेनेसिया और क्यारा का कहना था कि भारतीय महिलाएं शारीरिक रूप से भले कमजोर हों मगर उनका आत्मबल मजबूत है। खासकर किसानी के काम में पुरुषों से कहीं ज्यादा उनकी भूमिका दिख रही है। यही महिला सशक्तिकरण की पहचान है।
इटली से आए दल में ये रहे शामिल : टीबर स्पानो, एनरिका, मार्था, पाऊला, जिआनी, मारुओ, क्यारा, जिनेरवा, वेनेसिया, देबोरा।
व्यापार व संस्कृति का प्रमुख केंद्र है टोरीनो
16वीं शताब्दी में बसा उत्तरी इटली का शहर टोरीनो व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र है। शहर की आबादी लगभग दस लाख है। अति प्राचीन कला दीर्घा, लजीज पारंपरिक व्यंजनों वाले रेस्तरां, प्रमुख चर्च, ओपेरा हाउस, पार्क, थिएटर, लाइब्रेरी और म्यूजियम की बहुतायत इस शहर की विशेषता है।
पर्यटन से जुड़ी संस्था इंडो इटैलियन के अध्यक्ष प्रभुदत्त त्रिपाठी के मुताबिक, "इंडियन काउंसिल फार कल्चरल रिलेशंस (आईसीसीआर) कार्यक्रम के तहत पूरे साल विदेशी प्रतिनिधिमंडल का भारत आना होता है। इटली का यह दल भी इसी कार्यक्रम का हिस्सा है। इनमें से कुछ सदस्यों ने इंटरनेट पर जयापुर की खबरें पढ़ी थीं। भारतीय प्रधानमंत्री का इस गांव से नाम जुड़ा होने का आकर्षण ही उन्हें यहां ले आया। यहां आकर सभी गदगद हैं।"
विदेशी मेहमान बताएंगे स्वच्छता और पर्यावरण का महत्व
इटली से आए सैलानियों के साथ जयापुर पहुंचे भाजपा नेता सुरेश सिंह और पीयूषवर्धन सिंह ने बताया कि दल में वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, व्यवसायी और छात्र सभी शामिल हैं। दोनों देशों की संस्कृति का अध्ययन करने के लिए यह दल भारत भ्रमण पर है।
बताया कि यह दल दो माह बाद फिर जयापुर आएगा। जयापुर और उसके आसपास के गांवों में स्वच्छता और पर्यावरण जागरूकता के लिए यह टीम आने वाले दिनों में काम करेगी। दल का यह दौरा उसी कार्यक्रम की शुरुआत है।