मोदी के मंत्री बोले, 'व्यापमं घोटाला मूर्खतापूर्ण मुद्दा'
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जिस व्यापमं घोटाले को लेकर इन दिनों देश की सियासत में भूचाल मचा हुआ है, जिस घोटाले में अभी तक इससे जुड़े 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जिस घोटाले में मंत्री से लेकर अफसरों तक पर आरोप लग रहे हैं, उस व्यापमं घोटाले को देश के कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने मूर्खतापूर्ण और तुच्छ मुद्दा बताया है।
राजस्थान में पत्रकारों ने जब कानून मंत्री सदानंद गौड़ा से व्यापमं घोटाले को लेकर पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर कोई जवाब क्यों नहीं देते तो गौड़ा ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसे मूर्खतापूर्ण मुद्दों पर जवाब देने की कोई जरूरत नहीं है।'
गौड़ा ने कहा, 'संबंधित मंत्री और पार्टी अध्यक्ष इस मामले पर पहले ही जवाब दे चुके हैं, इसलिए हर मूर्खतापूर्ण मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सवाल करना ठीक नहीं है। राज्य सरकार जरूरी जांच कर रही है। इस मामले में इतनी मौतें होना जांच का विषय है, लेकिन कानून-व्यवस्था राज्य सरकार से संबंधित विषय है।'
वहीं, भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने व्यापमं मामले पर बोलते हुए कहा कि कांग्रेस प्राकृतिक रूप से हुई मौतों पर भी राजनीति कर रही है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उमा भी उठा चुकी हैं सवाल
सदानंद गौड़ा के इस बयान पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि व्यापमं जैसे बड़े घोटाले पर कानून मंत्री का ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा था कि उन्हें इस मामले में अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि सिलसिलेवार मौतों पर मध्यप्रदेश में अफरातफरी फैली गई है। ऐसे में उन्हें इस जांच से जुड़े अपने लोगों की जान जाने का भी डर सता रहा है।
उमा ने इशारों इशारों में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले का खुलासा होने के बाद सीबीआई की जांच का सुझाव देने वाली वह पहली राजनीतिज्ञ थीं। उन्होंने अपनी इस चिंता से मुख्यमंत्री शिवराज को अवगत कराने का भी दावा किया।