राष्ट्रपति की इफ्तार पार्टी में नहीं जाएंगे मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार भी राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बुधवार को आयोजित इफ्तार पार्टी में नहीं शामिल होंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि बुधवार को शाम सात बजे पूर्वोत्तर के राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक होनी है।
इस बैठक में महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर चर्चा होगी। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करेंगे। इससे पहले उन्हें अपने आधिकारिक आवास पर नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करनी है।
संसद के मानसून सत्र के ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीति आयोग के जरिए मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला कर भूमि बिल पर राज्यों का समर्थन लेना चाहते हैं।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। भूमि अधिग्रहण बिल पर बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों की होने वाली बैठक से ठीक पहले हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। इस बैठक से कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री दूर रह सकते हैं।
खुफिया एजेंसियों ने रोकी मोदी की इफ्तार पार्टी
पहले खबर थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीवाली की तरह इस बार ईद भी कश्मीर में मनाना चाहते थे। वह चाहते थे कि ईद के एक दिन पहले वहां रोज़ा इफ्तार करके कश्मीर और देश के मुसलमानों को यह संदेश दें कि मोदी सरकार के लिए सबका साथ सबका विकास सिर्फ नारा ही नहीं है बल्कि सरकार इस पर अमल भी कर रही है, लेकिन खुफिया एजेंसियों की हरी झंडी न मिलने से प्रधानमंत्री का ईद के मौके पर कश्मीरी अवाम के दिल पर मरहम लगाने का इरादा पूरा नहीं हो पाया।
सोनिया की दावत में पुराने गायब नए दोस्तों ने बढ़ाई रौनक
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की इफ्तार पार्टी से कांग्रेस के कुछ पुराने दोस्त गायब रहे तो नए दोस्त दावत की रौनक बन गए। कांग्रेस के पुराने दोस्त समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और वामदलों की ओर से कोई नेता कांग्रेस अध्यक्ष की इफ्तार में नहीं आए। दूसरी तरफ कांग्रेस के नए दोस्त बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने अपनी पार्टी के अध्यक्ष शरद यादव के साथ पेश होकर कांग्रेस की दावत की रौनक बढ़ा दी।
वहीं तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने अपनी पार्टी में आकर सबको हैरान कर दिया। सोनिया की पार्टी में द्रमुक सुप्रीमो करूणानिधि की बेटी कनिमोझी, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, लालू यादव की पार्टी राजद से प्रेमचंद गुप्ता और जयप्रकाश यादव शामिल हुए।
सोनिया की पार्टी में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित समेत कई देशों के राजदूत भी मौजूद रहे। विपक्ष की ज्यादातर पार्टियों के नुमाइंदों ने अपनी मौजूदगी जताकर कांग्रेस को मोदी सरकार के खिलाफ संसद के मानसून सत्र से ठीक से पहले चुनौती लेने की हिम्मत को बढ़ाने का काम किया है।