'एनडीए सरकार में अंतिम फैसला पीएम मोदी ही करते हैं'
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विपक्ष द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार ये आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने सारी शक्तियां अपने पास रख ली है। इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार को कहा कि नरेंद्र मोदी सारी बातों को समझकर एवं अनुभव लेकर काम करने वाले प्रधानमंत्री हैं। वह सबकी सुनते हैं लेकिन अंतिम फैसला वही करते हैं।
जेटली ने कहा कि उनकी स्थिति दस साल के यूपीए शासन के ठीक उलट है जिसमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ‘कोई वास्तविक शक्ति’ नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में प्रधानमंत्री ही अंतिम फैसला करता है। मैं इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि मोदी एक मजबूत नेता हैं लेकिन वह सबकी बातें सुनकर और समझकर काम करने वाले प्रधानमंत्री हैं।’
वित्त मंत्री ने एक चैनल के कार्यक्रम में कहा, ‘जैसा कि लोकतंत्र में उम्मीद की जाती है उनके शब्द अंतिम होते हैं। इसमें कुछ गलत भी नहीं है। वाजपेयी सरकार में भी सबसे विचार-विमर्श किया जाता था लेकिन प्रधानमंत्री के शब्द ही अंतिम होते थे।’
'भारत का इतिहास आज अलग होता'
जेटली से जब यह सवाल किया गया कि ‘द इकॉनमिस्ट’ पत्रिका ने मोदी को ‘वन मैन शो’ करार दिया। इस पर जेटली ने कहा कि उनकी तुलना मनमोहन सिंह से नहीं की जा सकती क्योंकि इसी पत्रिका ने ‘उन्हें ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में चित्रित किया था, जो पद पर तो है लेकिन जिसके पास शक्तियां नहीं हैं।’
उन्होंने कहा, ‘दस साल तक हमारे पास एक ऐसा प्रधानमंत्री था जिसके पास कोई वास्तविक सत्ता नहीं थी। मैं मनमोहन सिंह की व्यक्तिगत कुशलता का कायल हूं लेकिन कांग्रेस ने कभी उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया।
यदि कांग्रेस ने उन्हें खुलकर काम करने दिया होता तो भारत का इतिहास आज अलग होता।’ जेटली ने कहा कि मोदी एक बहुत मेहनती नेता हैं और वह चाहते हैं कि उनके सहयोगी भी उनकी ही तरह मेहनत करें।