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प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से की 'मन की बात'

Sun, 22 Feb 2015 08:46 PM IST
Updated Sun, 22 Feb 2015 08:46 PM IST
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pm narendra modi's mann ki baat

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के छात्रों के साथ मन की बात कार्यक्रम के तहत अपने अनुभव लाखों छात्र-छात्राओं के साथ बांटे। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवा दोस्तों, आज तो आपका मन शायद क्रिकेट मैच में लगा होगा, एक तरफ परीक्षा की चिंता और दूसरी तरफ वर्ल्ड कप।

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परीक्षा आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, मैं आपको कोई उपदेश देने नहीं, हल्की-फुल्की बातें करने आया हूँ। जीवन के इस महत्वपूर्ण अवसर पर मैं आपके साथ हूं इसीलिए मैं आपसे मंन की बात करने आया हूँ।
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पीएम मोदी ने कहा कि मैंने अपने जीवन में किसी भी एग्जाम में अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं किये थे। जैसे मामूली लोग पढ़ते थे वैसे ही मैं था। लोगों को लगता है कि परीक्षा अच्छी नहीं गयी तो पूरी दुनिया डूब जाएगी, दुनिया ऐसी नहीं है और इसीलिए कभी इतना तनाव मत पालिए।
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अच्छा परिणाम लाने का पक्का इरादा होना चाहिए, और हौसला भी बुलंद होना चाहिए। कभी भी ज़्यादा तनाव मत पालिए। परीक्षा बोझ नहीं होना चाहिए, ना ही परीक्षा आपके जीवन की कसौटी कर रही।

पेरेंट्स को कहना चाहूंगा की बच्चों से भव्य सपनों की और ऊंची उड़ान की बात करें। हमारी पूरी शक्ति प्रतिस्पर्धा में ही खप जाती है। नयी ऊचाईयों पर पहुंचने की स्पर्धा आप खुद से कीजिये। हम लोग बड़े गर्व के साथ एथलिट सर्गेई बूबका का स्मरण करते हैं, जिन्होंने 35 बार खुद का ही रिकॉर्ड तोडा था।

जैसे जैसे आप मे विश्वास का अभाव होता है, वैसे वैसे अंधविश्वास का प्रभाव बढ़ जाता है। उन्होंने छात्रों को एक फार्मूला देते हुए कहा कि इच्छा + स्थिरता = संकल्प, संकल्प + पुरुषार्थ = सिद्धि।

'आप अपने ज्ञान पर भरोसा कीजिए'

pm narendra modi's mann ki baat

उन्होंने कहा कि आप अपने मार्गदर्शक बन जाइये। भगवान बुद्ध कहते थे कि 'अत्यादीपो भव: 'मैं मानता हूँ आपके भीतर जो प्रकाश है उसको पहचानिये।

अच्छा बेट्समेन उसी बॉल पर ध्यान केंद्रित करता है जो बॉल उसके सामने आती है। परीक्षा क्षमता प्रदर्शन के लिए नहीं, खुद की क्षमता पहचाने के लिए है जब आप यह मंत्र पकड़ लेंगे, आपके भीतर का विश्वास बढ़ता चला जाएगा। अपना मन वर्तमान में लगा दीजिये, जीतना है तो उसकी एक ही जड़ी बूटी है, वर्तमान में जीएं।

आप अपने ज्ञान पर भरोसा कीजिए, अपनी जानकारियों पर भरोसा कीजिए। आप विश्वास करो, आपने जो मेहनत की है, वो रंग लाएगी, अपनी क्षमताओं के बारे में कॉंफिडेंट रहिए। परीक्षा के समय पेपर समाप्त होने के बाद अगले दिन के पेपर पर ही मन केंद्रित कीजिए।

उन्होंने कहा कि क्या हम साल में दो बार एक हफ्ते का 'परीक्षा उत्सव' नहीं मना सकते? इस देश का हर बेटा-बेटी जो परीक्षा दे रहे हैं, खुश रहे, यह मेरी कामना है, परीक्षा का आनंद लें। सफल हो किसी को पराजित करने के लिए नहीं, खुद के संकल्पों को पाने के लिए। सफल हुए तो ईर्ष्या पात्र, विफल हुए तो टीका पात्र।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि परीक्षा के उत्सव को आनंद के उत्सव में परिवर्तित कीजिए, बहुत बहुत शुभकामनाएं।

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