यूपी के लिए हो रहा PMO का इस्तेमाल!
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प्रधानमंत्री कार्यालय पंचायत प्रतिनिधियों तक सीधी पहुंच बनाने में जुटा है। पीएमओ कार्यालय ने प्रदेश के सभी ग्राम, ब्लाक और जिला पंचायत के प्रतिनिधियों नाम और मोबाइल नंबर मांगे हैं। माना जा रहा है कि पीएमओ इनसे सीधे संपर्क और संवाद बढ़ाएगा ही साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के साथ उनकी जमीनी स्थिति की जानकारी भी लेगा।
हालांकि इसके निहितार्थ भी निकाले जा रहे है। लोकसभा चुनाव की सफलता से उत्साहित भाजपा यूपी मिशन 2017 के लिए जुटी है। 2015 में पंचायत चुनाव भी संभावित है। ऐसे में संपर्क के बहाने पंचायत प्रतिनिधियों को साधने के प्रयास के रूप में भी इसे देखा जा रहा है।
गुरुवार को दोपहर पीएमओ कार्यालय से जारी मेल प्रदेश शासन से डीएम कार्यालय को प्राप्त हुआ और इसमें 24 घंटे में जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों, ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों के नाम व मोबाइल नंबर मांगे हैं।
पीएमओ की वेबसाइट में नंबरों की फीडिंग
जिला पंचायत राज अधिकारी एसके शर्मा का कहना है कि पीएमओ कार्यालय द्वारा मांगी गई जानकारी वेबसाइट पर फीड की गई है। मांगी जानकारी के तहत करीब आठ हजार प्रतिनिधियों के नाम और मोबाइल नंबर फीड किए गए हैं। प्रतिनिधियों के नाम और मोबाइल नंबर पीएमओ कार्यालय द्वारा क्यों मांगे गए हैं इसका मेल में कोई उल्लेख नहीं है।
जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य