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क्या पीएम मोदी की बातों को सच में सुन रहा है चीन?

Thu, 14 May 2015 10:47 PM IST
Updated Thu, 14 May 2015 10:47 PM IST
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pm narendra modi' china visit and foreign diplomacy

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनके चीन दौरे से न सिर्फ दोनों देशों के रिश्तों में और गहराई आएगी, बल्कि एशिया समेत दुनिया भर के विकासशील देशों के लिए मील का पत्थर भी साबित होगी।

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पीएम का चीन दौरा बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है, जहां वह सबसे पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग के गृह प्रांत शैंक्सी जाएंगे। जहां वह जिनपिंग के साथ मुलाकात करेंगे और फिर वहां से उसी दिन शाम को ही राजधानी बीजिंग के लिए रवाना हो जाएंगे।
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चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी को दिए बयान में मोदी ने कहा, ‘मुझे यकीन है कि मेरा चीन का दौरान दोनों देशों की दोस्ती और गहरी होगी, बल्कि एशिया के साथ-साथ दुनिया भर के विकासशील देशों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसमें कोई संदेह नहीं है।’
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पीएम ने कहा कि 21 वीं सदी चीन की है। भारत और चीन को दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए एकसाथ आगे आना चाहिए, जो आज के समय की मांग है।

पीएम ने कहा कि भारत और चीन हाल के वर्षों में द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन काम करते रहे हैं और दोनों ने इस दौरान अपने मतभेदों को धैर्य और गंभीरता से निपटारा किया है। सीमा विवाद के मुद्दों के हल की कोशिशों के बीच दोनों देशों ने कई अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी समझौते किए हैं।

एक-दूसरे को देनी होगी तवज्जो

pm narendra modi' china visit and foreign diplomacy

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपनी घरेलू छवि चमकाने के लिए सीमा विवाद और चीन के खिलाफ सुरक्षा मुद्दों को लेकर ‘चाल चलने’ के आरोप लगाने वाले चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि भारत और चीन को एक दूसरे को तवज्जो देनी चाहिए और ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि द्विपक्षीय रिश्तों में तेजी आ सके।

अखबार के ओपेड में ‘दिल्ली और बीजिंग के बीच खाई को व्यापार से पाटने की उम्मीद’ शीर्षक वाले एक लेख में कहा गया है कि चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार (70 अरब डॉलर) है।

भले ही भारत का चीन से व्यापार घाटा पिछले साल 37.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया हो, मगर मोदी अपने दौरे से चीन के बाजार पर पहुंच बनाकर इस खाई को पाटना चाहते हैं। साल भर पहले सत्ता संभालने वाले मोदी ने इस मामले में व्यावहारिक नजरिया अपनाया है।

पाक में परमाणु संयंत्र लगाकर चीन कर रहा नियमों का उल्लंघन

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अमेरिका ने कहा है कि चीन द्वारा पाकिस्तान में लगातार  परमाणु संयंत्र बनाने से वह परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के नियमों के विरुद्ध काम कर रहा है, जिसका वह सदस्य है।

अमेरिका ने साम्यवादी देशों के साथ द्विपक्षीय बैठक में इस मुद्दे को उठाया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सहायक विदेश सचिव थॉमस कंट्रीमैन ने अमेरिकी संसद में इसकी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि परेशानी यह है कि एनएसजी में शामिल होने के बाद भी चीन पाकिस्तान में नये परमाणु संयंत्र बनाने की घोषणा कर रहा है, यह नियमों के खिलाफ है।

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