फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   pm naredra modi unhappy with ministers.

सरकार के सौ दिन, मंत्रियों से क्यों खफा हुए मोदी?

Sun, 14 Sep 2014 08:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Sep 2014 08:21 AM IST
विज्ञापन
pm naredra modi unhappy with ministers.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रात-दिन काम करने का जुनून उनके मंत्रियों पर भारी पड़ने लगा है। अठारह से बीस घंटे काम करने का दावा करने वाले पीएम ने अपने मंत्रियों से 100 दिन के कामकाज का ब्योरा देने को कहा था लेकिन कई मंत्री इसे पेश करने में नाकाम रहे हैं।

विज्ञापन


माना जा रहा है कि मोदी इस वजह से अपने कई मंत्रियों से खफा हैं। उनके कई मंत्रियों ने एनडीए सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर प्रेंस कांफ्रेंस कर अपने मंत्रालय की उपलब्धियां नहीं गिनाई हैं। कुछ मंत्रियों में इसे लेकर ज्यादा उत्साह भी नहीं है। कइयों के पास तो मीडिया के लिए बताने के लिए ज्यादा कुछ है भी नहीं। लिहाजा वे ऐसी प्रेस कांफ्रेंस से बच रहे हैं।
विज्ञापन


हालांकि इनमें से कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री की नाराजगी की बात सुनते ही प्रेस कांफ्रेंस बुलाने का ऐलान कर दिया है।

प्रधानमंत्री के निर्देश के बावजूद सरकार के 100 दिन पूरे होने पर 15 मंत्री अपने मंत्रालयों के कामकाज का ब्योरा पेश नहीं कर पाए। हालांकि नाराजगी की खबर सुनते ही उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंत्रियों को काबू में रखने की मोदी की कवायद

pm naredra modi unhappy with ministers.

सत्ता में आते ही मोदी की ओर से अपने मंत्रियों को काबू में रखने की खबरें लगातार आ रही हैं। हालांकि कई मंत्री इन खबरों को खारिज कर चुके हैं। लेकिन हाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री ने तो एक बार कैबिनेट की बैठक में ही एक मंत्री को खरी-खरी सुना दी थी। दरअसल इस मंत्री की ओर से अपने मंत्रालय के बीट रिपोर्टरों को उपहार दिए जाने से मोदी बेहद नाराज थे।

चर्चा में है मोदी की सख्ती

पीएम मोदी के बारे में कहा जाता है कि वह अपने मंत्रियों को काबू में रखते हैं। कई मंत्रियों के इनकार करने के बावजूद उनकी सख्ती से जुड़े किस्से मीडिया में आते रहते हैं। हाल में पत्रकारों को उपहार देने पर उन्होंने कैबिनेट की बैठक में ही एक मंत्री को खरी-खरी सुना दी थी।

फरमान बजाने में रहे नाकाम
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल, महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री नजमा हेपतुल्ला, पर्यटन मंत्री श्रीपाद नाईक, जल संसाधन मंत्री उमा भारती, पूर्वोत्तर मामलों के  के मंत्री वी के सिंह, कपड़ा राज्य मंत्री संतोष गंगवार, भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते और रसायन और उर्वरक मामलों के मंत्री अनंत कुमार।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed