सियोल में मोदी ने किया 'ब्रांड इंडिया' का प्रमोशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री मोदी यात्रा के आखिरी दौर में दक्षिण कोरिया में हैं। जहां राजधानी सियोल में उनका शानदार स्वागत किया गया।
इसके बाद वहां मौजूद भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के प्रति दुनियाभर के लोगों का नजरिया बदल रहा है।
मोदी ने नमस्ते से अपने संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि विकास का रास्ता कठिन है पर मैं मक्खन नहीं, पत्थर पर लकीर खींचना जानता हूं। विकास के जरिए बदलाव हो सकता है।
तीन देशों की यात्रा का आखिरी चरण
चीन और मंगोलिया की तरह ही यहां भी 'मोदी-मोदी' का शोर सुनाई दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में रबींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कोरिया को 'लैंप ऑफ ईस्ट' कहा था। कोरिया की तरह भारत में भी टेक्नालॉजी की क्रांति आएगी।
पीएम मोदी ने भारत के महत्व को बताते हुए कहा कि बिना 'I' के ब्रिक्स (BRICS) नहीं बन सकता। आज हालात बदले हैं भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का देश है।
दक्षिण कोरिया दौरे पर वहां की राष्ट्रपति पार्क ग्युन हाय ने उनका शानदार स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत के साथ कई अहम समझौतों पर मुहर लगी।
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्युन हाय से बातचीत के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वो दक्षिण कोरिया के विकास से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
मेक इन इंडिया की सफलता का भरोसा भी प्रधानमंत्री मोदी ने जताया। तकनीक के विस्तार के लिए दक्षिण कोरिया ने सहयोग का ऐलान किया।
'I' के बिना BRICKS संभव नहीं: पीएम मोदी
19 मई को प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण कोरिया के दौरे से वापस भारत लौटेंगे। सियोल पहुंचने से पहले पीएम मोदी मंगोलिया में थे। जहां पहली बार किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने वहां की संसद को संबोधित किया।
इस दौरान पीएम मोदी ने मंगोलिया को 1 अरब डॉलर के मदद का ऐलान भी किया था। यहां भी प्रधानमंत्री मोदी का शानदार स्वागत किया गया।