मोदी सर की क्लास 3 बजे, कई मारेंगे बंक
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देशभर के स्कूल शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को दिखाने-सुनाने की तैयारी कर रहे हैं।
भाषण को लेकर स्कूलों और छात्रों पर किसी तरह की अनिवार्यता नहीं होने की बात मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी के कहने के बाद भी स्कूलों से इस निर्देश का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि वे अपने यहां प्रधानमंत्री का भाषण दिखाने वाले स्कूलों और देखने वाले छात्रों का पूरा ब्योरा तैयार कर उन्हें भेजे।
वहीं केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर और पश्चिम बंगाल ने प्रधानमंत्री के भाषण के सीधे प्रसारण से इनकार कर दिया है।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के इस संबंध में भेजे गए आधिकारिक पत्र को सार्वजनिक करने के लिए राज्य के शिक्षा आयुक्त और शिक्षा सचिव को पद से हटा दिया है।
कई राज्यों ने खड़े किए हाथ
शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री का छात्रों को संबोधित करने की योजना एक तरह से भाजपा बनाम विपक्षी दलों की लड़ाई पर केंद्रित हो गई है।
प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर गैर भाजपा शासित राज्य सबसे ज्यादा विरोध कर रहे हैं, जबकि भाजपा शासित राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गोवा, पंजाब में इसके लिए खास इंतजाम करने की सूचना मानव संसाधन मंत्रालय को मिल रही है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों को इसका बहिष्कार करने का निर्देश दिया है। उधर, शिक्षक दिवस का नाम बदलकर गुरू उत्सव नहीं करने की बात भले ही मानव संसाधन मंत्रालय ने कह दी है।
लेकिन तमिलनाडु में इसे लेकर अब भी विरोध जारी है। राज्य में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों इसका विरोध कर रहे हैं।
इस सब के बीच प्रधानमंत्री ने शिक्षक दिवस पर सम्मानित होने वाले 350 शिक्षकों से बृहस्पतिवार को अनौपचारिक बातचीत में कहा कि अध्यापन जीवन धर्म है, पेशा नहीं हैं।
मोदी करेंगे छात्रों को संबोधित
मोदी ने कहा कि गुजरात का पहली बार मुख्यमंत्री बनने पर उनकी दो इच्छाएं थीं। बचपन के दोस्तों और उन सभी अध्यापकों से मिलना, जिन्होंने उन्हें पढ़ाया। उन्होंने कहा कि उनकी ये दोनों इच्छाएं पूरी हो गईं।
मोदी ने कहा कि अगर समाज को प्रगति करनी है तो अध्यापकों को हमेशा समय से दो कदम आगे रहना होगा। उन्होंने कहा कि अध्यापक कभी भी रिटायर नहीं होता है और हमेशा नई पीढ़ी को ज्ञान देने का प्रयास जारी रखता हे।
पांच सितंबर को प्रधानमंत्री का भाषण और छात्रों के साथ सवाल जवाब का कार्यकम दोपहर तीन बजे से 4.45 तक चलेगा।
दूरदर्शन और उसके सभी क्षेत्रीय टीवी चैनल समेत मानव संसाधन विकास मंत्रालय और दूरदर्शन की वेबसाइट पर इसका सीधा प्रसारण किया जाएगा। सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी पीएम के भाषण का वेबकास्ट होगा।