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पीएम मोदी का ये कैसा ऐलान, भाजपा को भी पड़ रहा भारी

Thu, 18 Dec 2014 05:09 PM IST
Updated Thu, 18 Dec 2014 05:09 PM IST
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BJP in Pressure over PM Narendra Modi's Stand on Bangla land swap

बंगलादेश के साथ जमीन की अदला-बदली करने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऐलान भाजपा को ही भारी पड़ने लगा है। आब भाजपा आलाकमान अपने सांसदों को मामले की गंभीरता समझाने में जुटा है।

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने असम के सांसदों से कहा है कि पीएम के ऐलान के बाद पार्टी इस मामले में कदम पीछे नहीं खींच सकती। लेकिन, समझौते की रफ्तार जरूर धीमी होगी। शाह ने भाजपा सांसदों को आश्वस्त किया है कि असम की जनता को विश्वास में लेने के बाद ही सरकार कदम बढ़ाएगी।
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इससे पहले मंगलवार को संसदीय दल की बैठक के बाद असम के सांसदों ने पीएम से भेंट की थी। बताया जाता है कि असम के भाजपा सांसदों को एक साथ अपनी ओर आते देख पीएम मोदी ने माजरा भांप लिया था।
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सांसद उनसे कुछ कहते इससे पहले पीएम ने उनसे कहा कि उन्हें मालूम है कि बांग्लादेश के साथ भूमि समझौते के उनके ऐलान के बाद असम में माहौल बिगड़ा हुआ है। वहां सियासी आग लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्थिति पर उनकी पूरी नजर है। पीएम ने भाजपा सांसदों से कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष शाह से मिलें। इसके बाद ही शाह ने बुधवार देर शाम पूर्वोत्तर के भाजपा सांसदों से मुलाकात की।

पीएम मोदी से मिले थे असम के भाजपा सांसद

BJP in Pressure over PM Narendra Modi's Stand on Bangla land swap

पीएम मोदी के आदेश के बाद शाह ने बुधवार देर शाम पूर्वोत्तर के भाजपा सांसदों के साथ लंबी मंत्रणा की। बताया जा रहा है कि शाह ने सांसदों से कहा कि वे सूबे की जनता में यह बात प्रचारित करें कि बंगलादेश के साथ भूमि विवाद हल होने से घुसपैठ पर लगाम लगेगी।

उन्होंने बंगलादेश के साथ इस भूमि समझौते को लेकर जनमानस में माहौल बनाने को कहा। उन्होंने भाजपा सांसदों को आश्वस्त किया है कि सरकार इस मामले में अपनी गति धीमी करेगी। दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने भी कहा कि अभी इस मामले पर कैबिनेट में चर्चा नहीं हुई है।

गौरतलब हो कि पीएम ने असम में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि बंगलादेश के साथ लंबित भूमि समझौते से प्रदेश को लंबे समय में लाभ होगा। इसके बाद से असम में सियासी भूचाल आया हुआ है।

आसू और असम गण परिषद सरीखे दलों ने सियासत गर्म कर दी है। प्रदेश में बंद तक आयोजित हो चूका है, जिस कारण प्रदेश भाजपा के नेताओं को मिशन 2016 का अभियान फीका पड़ता दिख रहा है। क्षेत्र के संघ पदाधिकारियों का भी मानना है कि मामले को समय से पहले उछाल दिया गया है।

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