मोदी आज शुरू करेंगे सोने से जुड़ी 3 बड़ी योजनाएं
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 नवंबर, बृहस्पतिवार को अशोक चक्र निशान वाला देश का पहला सोने का सिक्का समेत सोने में निवेश की तीन योजना पेश करने वाले हैं। इसमें स्वर्ण मुद्रा के अलावा स्वर्ण मौद्रिकरण योजना और सावरेन स्वर्ण बांड योजना शामिल हैं।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में भारत स्वर्ण मुद्रा 5 और 10 ग्राम में उपलब्ध होंगे जबकि 20 ग्राम का बार उपलब्ध कराया जाएगा।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमएमटीसी के आउटलेट्स के जरिये 5 ग्राम के 15,000 सिक्के, 10 ग्राम के 20,000 सिक्के तथा 3750 गोल्ड बार बेचे जाएंगे।
भारत स्वर्ण मुद्रा कई दृष्टिकोण से विशिष्ट होगी क्योंकि इसमें इसके नकल रोधक आधुनिक खूबियां और छेडछाड न की जा सकने वाली पैकेजिंग शामिल की गई है। इन सिक्कों का वितरण एमएमटीसी के अधिकृत और मान्यता प्राप्त आउटलेट्स के जरिये भी किया जाएगा।
ये हैं तीन योजनाएं
स्वर्ण मोद्रिकरण योजना -जीएमएस- मौजूदा स्वर्ण जमा योजनाए 1999 का स्थान लेगी। हालांकि स्वर्ण जमा योजना के तहत बकाया जमा को उसकी परिपक्वता अवधि तक चलाने की अनुमति होगी।
इसके साथ ही नई योजना के तहत भी सोना स्वीकार किया जाएगा। सरकार की मंशा है कि घरों में पड़े सोने को चलन में लाया जाए ताकि इसके महंगे आयात के बजाय देश के सोने से ही काम चल जाए।
तीसरी योजना गोल्ड बांड की है। गोल्ड बांड रिजर्व बैंक जारी किरेगा और एक ग्राम के यूनिट में मिलेगा। निवेशक कम से कम दो ग्राम और अधिकतम एक साल में 500 ग्राम सोने के बराबर बांड की खरीदारी कर सकेंगे।
इस पर 2.75 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलेगा जो साल में दो बार देय होगा। बांड की प्रति ग्राम दर 2684 रुपये तय की गई है। बांड की अवधि
8 साल की होगी, लेकिन इसमें 5 साल में भी निकलने का विकल्प होगा। इसके लिए आगामी 5 नवंबर से 20 नवंबर तक आवेदन मंगाया गया है और 26 नवंबर 2015 को यह बांड जारी किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 के बजट भाषण में भारत स्वर्ण मुद्रा जारी करने तथा स्वर्ण मौद्रिकरण तथा गोल्ड बांड योजना की घोषणा की थी।