गृहमंत्रालय से निकली चौंकाने वाली फाइलें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर इन दिनों केंद्रीय गृहमंत्रालय में सफाई अभियान जोरों पर चल रहा है। महीने भर से भी कम वक्त में सालों से धूल फांक रही करीब 1.5 लाख फाइलों को नष्ट कर दिया गया है।
नार्थ ब्लॉक की स्टील की अलमारियों में पुरानी फाइलों को हटाते समय कुछ दिलचस्प फाइलें भी मिलीं, जिनसे ऐतिहासिक पलों की रोचक जानकारी मिली है।
शास्त्री और माउंटबेटन के समय की फाइलें
इन फाइलों में से एक फाइल राष्ट्रपति की उस मंजूरी की है जो भारत के पहले गवर्नर जनरल लार्ड माउंटबेटन को 64000 रुपये टीए/डीए भत्ते के रूप में देने से संबंधित है।
मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मौजूदा वक्त में यह राशि कई करोड़ रुपये के बराबर है। एक अन्य फाइल देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के पेंशन लेने से इनकार संबंधी है। उनके इनकार करने के बाद उनकी पेंशन को सरकार के आपदा कोष में भेजी गई थी।
मोदी के आदेश पर कार्यवाही
एक अन्य फाइल से पता चला है कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की सैलरी भी आपदा कोष में भेजी गई थी। ऐसा शास्त्री जी के भी वेतन लेने से मना करने के बाद किया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि एक फाइल उस कैबिनेट बैठक का ब्योरा है जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निधन की खबर की घोषणा से पहले बुलाई गई थी।
ये पूछे जाने पर कि इन फाइलों के ऐतिहासिक तथ्यों को संजोकर रखा जाएगा या नष्ट कर दिया जाएगा, के जवाब में अधिकारी ने अनभिज्ञता प्रकट की।