हर नेपाली का आंसू पोंछेगा भारतः मोदी
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रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज उनका मन 'मन की बात करने का नहीं हो रहा है, नेपाल और भारत के कुछ हिस्सों में भूकंप से हुई तबाही से वे व्यथित हैं।
आगे उन्होंने कहा कि 'मैंने 2001 में कच्छ के भूकंप की तबाही को बहुत करीब से देखा है, और मैं समझ सकता हूं कि नेपाल के लोगों पर इस वक्त क्या बीत रही होगी। मोदी ने कहा इस दुख की घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है, नेपाल का दुख भारत का दुख है। भारत हर नेपाली के आंसुओं को पोंछेगा, लोगों को बचाया जाऐगा।
मोदी ने बताया कि भूकंप से नेपाल और भारत में हुए जान-माल के नुकसान के लिए सरकार हर संभव मदद करेगी। नेपाल के लिए भारत से राहत व बचाव दल समेत मलबे में दबे शवों को निकालने के लिए स्नीफर डॉग की एक टीम भी भेजी जा चुकी है।
दुनिया के बारें में सोचता है भारत
मन की बात में अंत में पीएम मोदी ने पिछले दिनों यमन में चलाए गए राहत अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत ने यमन में फंसे 48 देशों के नागरिकों को निकाला गया। इस अभियान के लिए भारत को दुनिया भर से बधाई मिली। भारत दुनिया के बारे में सोचता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे इस बात का गर्व होता है कि भारत की दो बेटियों ने देश का नाम रौशन किया। साइना नेहवाल बैडमिंटन में दुनिया में नंबर एक बनी तो दूसरी बेटी सानिया मिर्जा टेनिस डबल्स में दुनिया में नंबर एक बनी। इन दोनों को बधाई के साथ देश की सारी बेटियों को भी बधाई।
लेकिन दुख होता है जब हार जीत को लेकर अपशब्द कहे जाते हैं, भारतीय क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप हार गई तो इसको लेकर टीम को अपशब्द कहे गए, क्या कोई खेल ऐसा है जिसमें हार नहीं होती। वहीं मोदी ने बोर्ड परिक्षार्थियों परीक्षा खत्म होने की बधाई दी और बच्चों को छुट्टियों मेंकुछ नया करने और सीखने की बात कही।