'मुझे फूल मत बनने दो, कांटों के बीच ही रहना है'
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सिक्किम की राजधानी गंगटोक में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि मुझे फूल की तरह नाजुक मत बनने देना, मैं कांटो के बीच रहा हूं और मुझे कांटों के बीच ही रहना है।
उन्होंने ये टिप्पणी उस समय की जब सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग ने अपने यहां विकसित ऑर्किड के तीन फूलों का नामकरण कर रहे थे। उन्होंने इन फूलों में से एक फूल को 'नमो' नाम दिया। शेष दो फूलों का
नामकरण प्रधानमंत्री मोदी ने किया। मोदी ने इन्हें 'सरदार' और 'दीनदयाल' नाम दिए। सरदार नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में जबकि दीनदयाल नाम दीनदयाल उपाध्याय के सम्मान में है।
गंगटोक में सिक्किम को देश का पहला जैविक राज्य घोषित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सिक्किम ने दुनिया को राह दिखाई है। सिक्किम की जैविक खेती क्रांति दुनिया के लिए रोल मॉडल है। प्रकृति के साथ संतुलन साधते हुए सिक्किम ने दुनिया को विकास का मार्ग दिखाया है। इस जैविक खेती की क्रांति को पूरे देश में लेकर जाएंगे।
सिक्कम ने दिखाई दुनिया को राह: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिकता की हवा में यह जैविक पवन पूरे देश में फैलाने की प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे सिक्किम के मंथन से प्रेरणा लेकर अपने प्रदेश में जैविक खेती के लिए कारगर प्रयास करें।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया मान रही है कि प्रकृति से मन मिलाना पडे़गा। दुनिया के देश इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पुराने रास्तों पर लौटते हुए हमें जीवन शैली में बदल करना पड़ेगा। तभी प्रकृति बची रह सकती है। इस प्रयास के लिए उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पवन चामलिंग की काफी सराहना की।
पीएम ने कहा कि चामलिंग के सोंच की वजह से सिक्किम दुनिया के लिए रोल मॉडल बन सका है । यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इससे पहले चामलिंग ने भी प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने पीएम से आग्रह किया कि वे दुनिया को रसायन मुक्त कराने के आंदोलन की अगुवाई करें।
पूरे देश में पहुंचेगी सिक्किम की जैविक खेती क्रांति
देश में जैविक क्रांति लाने पर बल देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि खेती को शून्य लागत वाला व्यवसाय बनाने के लिए यह सबसे कारगर है। देश के किसान भी जैविक खेती करने के लिए तैयार हैं । मगर उन्हें रोडमैप उचित रणनीति के साथ राह दिखाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगटोक में हुई संगोष्ठि से निकले सुझावों को सिक्किम डिक्लेरेशन के रूप में याद रखा जाएगा। सिक्किम की उपलब्धि को वहां की लाखों किसानों की तपस्या बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह योजना शुरु हुई होगी तो तत्काल उत्पादन घटने से किसानों को नुकसान हुआ होगा। उन्होंने उसे बर्दाश्त किया होगा।
कार्यक्रम में मौजूद राज्य सरकारों के कृषि मंत्रियों और अधिकारियों से प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनियाभर में जैविक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। जैविक उत्पाद सस्ते होते हैं और बाजार में इन्हें अधिक कीमत मिलती है। ऐसे में क्यों ने हर राज्य पहले एक जिले को लेकर उसे पूर्ण जैविक बनाए। यदि पूरे जिले में करना मुश्किल हैए तो एक ब्लॉक को ही लिया जाए। उसे पूरी तरह जैविक बनाया जाए। उसके लिए बाजार तैयार किया जाए।