बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर ध्यानमग्न हो गए पीएम, तस्वीरें
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बिहार के बोधगया में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदू-बौद्ध सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान कृष्ण और गौतम बुद्ध दोनों ही महान शिक्षक थे। दोनों ने लोगों को सिद्धांतों का महत्व समझाया।
मोदी ने कहा कि आज हम बोधगया की उस धरती पर मौजूद हैं, जिसने मानव जाति के इतिहास में एक अलग जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू और अटल जी के बाद मुझे यहां आने का गौरव मिला है।
उन्होंने कहा, 'भगवान बुद्ध समानता के एक महान उपदेशक थे। मैं व्यक्तिगत रूप से भारत को 'बौद्ध भारत' पुकारना चाहूंगा। मैं चाहता हूं कि बोधगया को बौद्ध धर्म की दुनिया में एक आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित किया जाए।'
सम्मेलन में 70 देशों के 220 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया
मोदी ने कहा कि यह हिंदू-बौद्ध सम्मेलन पयार्वरण की चिंता से दूर हो चुके लोगों का ध्यान खींचने के लिए भी एक महत्वपूर्ण आयोजन है। बुद्ध के आगमन के बाद हिंदू धर्म हिंदू-बौद्ध धर्म या बौद्ध-हिंदू धर्म बन गया है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोधिवृक्ष के नीचे बैठकर ध्यान लगाया और बौद्ध भिक्षुओं के साथ सूत्रपाठ भी किया। इस दौरान मोदी ने बुद्धम शरणम गच्छामि मंत्र का जप भी किया। इस सम्मेलन में 70 देशों के 220 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।