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जापान यात्रा: चीन को लेकर मोदी ने दिखाई चतुराई

Wed, 03 Sep 2014 12:39 PM IST
Updated Wed, 03 Sep 2014 12:39 PM IST
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Pm modi cleverly Avoid question based on china.

एक दिन पहले ही अप्रत्यक्ष रूप से विस्तारवादी नीति के लिए चीन की आलोचना करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पड़ोसी देश के बारे में पूछे गए एक सवाल को बड़ी चतुराई से टाल गए।

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सेक्रेड हार्ट यूनिवर्सिटी की इंटरनेशनल स्टडी की एक छात्रा ने प्रधानमंत्री ने पूछा कि चीन को अलग-थलग रखकर दुनिया में शांति और विकास की बात कैसे हो सकती है।
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इसके जवाब में मोदी ने मजाक में कहा कि ऐसा लगता है, आप चीन से काफी परेशान हैं। सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय मोदी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। इसी तरह जापान भी एक लोकतांत्रिक देश है। ये दोनों देश जितना सकारात्मक सोचेंगे और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाएंगे, उतना ही दुनिया को फायदा होगा।

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जापानी छात्रा ने पूछा सवाल

Pm modi cleverly Avoid question based on china.

हमें दूसरों पर ध्यान देने की बजाय अपना फोकस प्रगति और विकास पर केंद्रित करना चाहिए। अगर हम अपने हालात पर ध्यान देंगे तो हमारी स्थिति अच्छी होगी। मोदी ने चीन से जुड़े सवालों पर एक काल्पनिक कहानी भी सुनाई। सोमवार को ही मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से चीन की विस्तारवादी नीति की निंदा की थी।

प्रधानमंत्री के बयान पर चीनी प्रवक्ता ने यह कहकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था कि उन्हें नहीं पता कि मोदी ने किस संदर्भ में यह बात कही।

हालांकि चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा है कि पश्चिमी और जापानी जनता के लिए उनका संदर्भ चीन ही था, हालांकि उन्होंने चीन के नाम का जिक्र नहीं किया।

चीन की आधिकारिक मीडिया का कहना है कि भारतीय नेता भावनात्मक रूप से टोक्यो के साथ ज्यादा आत्मीय हैं क्योंकि कुछ राष्ट्रवादी ताकतें चीन के खिलाफ हैं। लेकिन उन्होंने मंगलवार को इस मसले पर एक सवाल पर खुद को अलग कर लिया।

हालांकि आधिकारिक चीनी मीडिया ने अपने देश के खिलाफ भारत के साथ मिलकर यूनाइटेड फ्रंट गठन की कोशिशों के लिए टोक्यो को आगाह किया है।

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